Plunes Healthcare ने 'HealthRail' नाम का एक नया फिनटेक प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। यह प्लेटफॉर्म अस्पतालों को Axis Bank और Punjab National Bank जैसे लेंडर्स से जोड़कर उनके पेंडिंग इंश्योरेंस क्लेम को जल्द सेटल करने में मदद करेगा, जिससे वर्किंग कैपिटल की समस्या हल होगी।
भारत में हॉस्पिटल्स के लिए सबसे बड़ी चुनौती अपनी सर्विस देने के बाद इंश्योरेंस कंपनियों या सरकारी स्कीमों से समय पर पेमेंट हासिल करना है। कई बार इस प्रक्रिया में 4 महीने तक का समय लग जाता है, जिससे अस्पतालों की कैश-फ्लो (Cash flow) बुरी तरह प्रभावित होती है। अब इस समस्या को दूर करने के लिए Plunes Healthcare ने 'HealthRail' पेश किया है।
यह प्लेटफॉर्म कैसे काम करेगा?
यह प्लेटफॉर्म अस्पतालों और बड़े बैंकों, जैसे Axis Bank और Punjab National Bank (PNB) के बीच एक फाइनेंशियल ब्रिज का काम करेगा। हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स अपने पेंडिंग इंश्योरेंस और सरकारी स्कीमों के इनवॉइस को इस प्लेटफॉर्म के जरिए डिजिटल प्रोसेस कर सकेंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अस्पतालों को मिलने वाला फंड अब महीनों की जगह महज 48 घंटों में उपलब्ध हो सकेगा।
अस्पतालों की फाइनेंशियल सेहत पर असर
अस्पताल फिलहाल ऑपरेशन्स चलाने के लिए महंगे शॉर्ट-टर्म लोन पर निर्भर रहते हैं। अगर उन्हें समय पर पैसा मिल जाता है, तो उनकी ब्याज की लागत कम होगी और फाइनेंशियल एफिशिएंसी में सुधार आएगा।
निवेश के नजरिए से रिस्क और चुनौतियां
निवेशकों को यह समझना होगा कि इस मॉडल में रिस्क भी शामिल है। अगर इंश्योरेंस कंपनी या सरकारी स्कीम क्लेम को रिजेक्ट करती है, तो पैसा वापस चुकाने की जिम्मेदारी अस्पताल की ही बनी रहेगी। साथ ही, भविष्य में यह प्लेटफॉर्म कितना सफल होगा, यह अस्पतालों द्वारा इसे अपनाने की दर और IRDAI के कैशलेस प्रोसेस नियमों के पालन पर निर्भर करेगा। बाजार की नजर अब इस बात पर है कि क्या यह मॉडल वाकई अस्पतालों के प्रॉफिट मार्जिन को बेहतर बनाने में मददगार साबित होगा।
