Piramal Finance अब अपने विस्तार के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। कंपनी फाइनेंशियल ईयर 2027 (FY27) तक ₹30,000 करोड़ की भारी-भरकम फंडिंग जुटाने की योजना बना रही है। इस पूंजी का मुख्य उद्देश्य कंपनी के एसेट-अंडर-मैनेजमेंट (AUM) को सालाना 25% की दर से बढ़ाने के लक्ष्य को हासिल करना है।
विदेशी बाजारों में अस्थिरता के बीच रणनीति में बदलाव
CEO Jairam Sridharan ने बताया कि ग्लोबल मार्केट में बढ़ी अनिश्चितताओं को देखते हुए Piramal Finance अपनी फंडिंग स्ट्रेटेजी में बदलाव कर रही है। अब कंपनी का पूरा जोर डोमेस्टिक डेट कैपिटल यानी घरेलू कर्ज़ पर रहेगा। इससे विदेशी मुद्रा बाजार की अस्थिरता के प्रभाव को कम करने और फंडिंग की लागत व उपलब्धता को बेहतर ढंग से मैनेज करने में मदद मिलेगी। कंपनी बैंक बॉरोइंग्स पर अपनी निर्भरता कम करने की भी कोशिश करेगी।
अन्य लक्ष्य और मौजूदा स्थिति
FY27 तक कंपनी अपने नेट इंटरेस्ट मार्जिन्स (NIM) को बढ़ाकर लगभग 7% तक ले जाने का लक्ष्य रखती है। साथ ही, कंपनी की कुल बॉरोइंग्स मार्च 2025 में ₹79,945 करोड़ से बढ़कर FY27 तक ₹1 लाख करोड़ से अधिक हो जाने का अनुमान है। एक महत्वपूर्ण लक्ष्य यह भी है कि कंपनी अपने पुराने DHFL कर्ज़ को FY27 तक पूरी तरह से निपटा ले, जो वर्तमान में AUM का 3% है। कंपनी अपने रिटेल-टू-होलसेल एसेट मिक्स को 85:15 पर बनाए रखने का इरादा रखती है।
शेयर बाजार में कैसा रहा प्रदर्शन?
28 अप्रैल 2026 तक, Piramal Finance का शेयर ₹2,013.00 के आसपास ट्रेड कर रहा था, जिसका मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹42,243 करोड़ और P/E रेश्यो लगभग 41.0 था। हाल के महीनों में शेयर ने शानदार प्रदर्शन किया है, पिछले छह महीनों में 39.31% की बढ़त दर्ज की गई है। 28 अप्रैल 2026 को मार्च तिमाही के मजबूत नतीजों के बाद शेयर में 11.88% का उछाल आया था।
रेटिंग और एनालिस्ट्स की राय
फरवरी 2026 में S&P Global Ratings ने कंपनी की बेहतर बिजनेस स्टेबिलिटी और मजबूत कैपिटलाइजेशन को देखते हुए Piramal Finance की रेटिंग को 'BB/B' में अपग्रेड किया था। साथ ही, FY27 और FY28 के लिए रिस्क-एडजस्टेड कैपिटल (RAC) रेश्यो 13.5%-14.5% रहने का अनुमान लगाया गया है। कंपनी का क्रेडिट कॉस्ट टारगेट 1.5% है, जो इंडस्ट्री के अन्य प्लेयर्स के बराबर है।
बाजार में तुलना और जोखिम
Piramal Finance का FY27 के लिए 25% AUM ग्रोथ का अनुमान NBFC सेक्टर के औसत 19% (Q1 FY26 अनुमानित) से काफी मजबूत है। वहीं, 7% का NIM लक्ष्य कुछ प्रतिस्पर्धियों की तुलना में महत्वाकांक्षी है; उदाहरण के लिए, Bajaj Finance के NIMs कम हैं और HDFC Bank के NIM आमतौर पर 3.5%-4.2% के आसपास रहते हैं। Piramal Finance का P/E रेश्यो (41.0) भी Cholamandalam Investment and Finance Company (P/E 27.38) और Shriram Finance (P/E 22.91) जैसे साथियों की तुलना में अधिक है।
हालांकि, ₹1 लाख करोड़ से अधिक के कुल कर्ज़ के साथ कंपनी का लिवरेज बढ़ेगा, जिसका डेट-टू-इक्विटी रेश्यो अप्रैल 2026 तक 2.58 था। डोमेस्टिक डेट पर अधिक निर्भरता से फंडिंग की लागत बढ़ सकती है, जो टारगेट NIM विस्तार को प्रभावित कर सकती है। कंपनी का कम रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) भी चिंता का विषय है (अप्रैल 2026 तक 2.82%), जो राजस्व वृद्धि को शेयरधारक मूल्य में बदलने में संभावित चुनौतियों का संकेत देता है। Nomura ने चेतावनी दी है कि बढ़ती फंडिंग लागत और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक जोखिमों जैसे कारक MSME और असुरक्षित ऋणों वाले NBFCs को प्रभावित कर सकते हैं।
भविष्य की राह
आगे देखते हुए, Piramal Finance ने FY27 में लगभग 25% AUM ग्रोथ और 50% प्रॉफिट ग्रोथ का अनुमान दिया है, जिसमें लगभग 2.5% का एग्जिट रिटर्न ऑन एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (ROA) शामिल है। ज्यादातर एनालिस्ट्स कंपनी के ग्रोथ पथ को लेकर उत्साहित हैं, लेकिन Jefferies जैसे विश्लेषकों की सतर्क राय मौजूदा वैल्यूएशन्स और महत्वाकांक्षी लक्ष्यों से जुड़े जोखिमों को भी उजागर करती है।
