Piramal Finance ने नए वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में शानदार नतीजों का ऐलान किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर **67%** बढ़कर **₹461 करोड़** रहा। यह दमदार परफॉरमेंस नेट इंटरेस्ट इनकम में **50%** की जबरदस्त बढ़ोतरी से संभव हुई। वहीं, कंपनी की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) **25%** बढ़कर **₹1 लाख करोड़** के पार पहुंच गई, जिसका मुख्य कारण रिटेल लोन पोर्टफोलियो पर बढ़ा हुआ फोकस है। इसके अलावा, कंपनी ने भविष्य की ग्रोथ के लिए **₹4,000 करोड़** तक की फंड जुटाने की योजना को भी मंजूरी दे दी है।
रिटेल पर बढ़ा फोकस, AUM में 25% की तेजी
Piramal Finance ने 30 जून 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए ₹461 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹276 करोड़ की तुलना में 67% की बड़ी छलांग है। कंपनी की इस शानदार कमाई की मुख्य वजह नेट इंटरेस्ट इनकम (Net Interest Income) में 50% का इजाफा है, जो बढ़कर ₹1,352 करोड़ हो गया। यह दर्शाता है कि कंपनी अपनी उधार लागतों की तुलना में अधिक ब्याज आय अर्जित करने में सफल रही है।
कंपनी की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 25% बढ़कर ₹1,06,940 करोड़ तक पहुंच गई। कंपनी अपने बिजनेस मॉडल को रिटेल-केंद्रित बनाने की ओर तेजी से बढ़ रही है। रिटेल और होलसेल एसेट्स का अनुपात पिछले साल के 80:20 से सुधरकर 85:15 हो गया है। पोर्टफोलियो में सबसे बड़ा हिस्सा हाउसिंग लोन का है, जो 31% है, इसके बाद लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी 26%, रियल एस्टेट लोन 9% और सैलरीड पर्सनल लोन 8% का है। इस स्ट्रेटेजी का मकसद अस्थिर माने जाने वाले होलसेल लेंडिंग सेगमेंट पर निर्भरता कम करना है।
एसेट क्वालिटी और मार्जिन में सुधार
ऑपरेशनल मेट्रिक्स में भी सुधार देखा गया। कंपनी का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पिछले साल की इसी तिमाही के 6.03% से बढ़कर 6.50% हो गया है। वहीं, एसेट क्वालिटी की बात करें तो ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (GNPA) यानी खराब कर्ज का अनुपात पिछले साल के 2.92% से घटकर 2.37% पर आ गया है। नेट NPA अनुपात भी सुधरकर 1.64% हो गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर रिकवरी और कम क्रेडिट लॉस का संकेत देता है।
भविष्य के लिए ₹4,000 करोड़ जुटाने की योजना
भविष्य के ऑपरेशंस और विस्तार को फंड करने के लिए, कंपनी के बोर्ड ने ₹4,000 करोड़ तक की पूंजी जुटाने की मंजूरी दे दी है। हालांकि, यह फंड कब और कैसे जुटाया जाएगा, इसका फैसला बाद में लिया जाएगा। यह कदम कंपनी की बैलेंस शीट को मजबूत करने की मंशा को दर्शाता है। जैसे-जैसे कंपनी अपने रिटेल फ्रेंचाइजी को बढ़ा रही है, जो मैनेजमेंट के मुताबिक करीब 60 लाख ग्राहकों को सेवा दे रही है, निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि यह नई पूंजी कितनी कुशलता से इस्तेमाल की जाती है और क्या कंपनी ब्याज दरों में संभावित अस्थिरता के बीच अपने मौजूदा प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रख पाती है। कंपनी की रिटेल स्ट्रेटेजी का सफल क्रियान्वयन और लोन बुक बढ़ाने के साथ एसेट क्वालिटी बनाए रखना मुख्य निगरानी बिंदु रहेंगे।
