Piramal Finance के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। कंपनी ने पहली तिमाही में **67%** की जोरदार ग्रोथ के साथ **₹461 करोड़** का मुनाफा दर्ज किया है। वहीं, कंपनी ने भविष्य के विस्तार के लिए **₹4,000 करोड़** तक की पूंजी जुटाने की योजना बनाई है।
Piramal Finance की दमदार Q1 परफॉरमेंस
Piramal Finance Limited ने जून 2026 को समाप्त तिमाही के लिए शानदार वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने ₹461 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 67% अधिक है। इस बेहतरीन प्रदर्शन का मुख्य कारण कंपनी का रिटेल लेंडिंग पर बढ़ता फोकस है, जो अब कंपनी के कुल लोन बुक का बड़ा हिस्सा बन चुका है।
₹4,000 करोड़ जुटाने की योजना
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने नई पूंजी के जरिए ₹4,000 करोड़ तक जुटाने की मंजूरी दे दी है। यह प्रस्ताव फिलहाल शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर है। निवेशकों के लिए यह कदम प्रबंधन की ओर से संकेत देता है कि कंपनी अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करके और नए लोन देने के लिए पूंजी बढ़ाकर ग्रोथ की रफ्तार बनाए रखने की मंशा रखती है।
रिटेल लेंडिंग का बढ़ता दबदबा
कंपनी की टोटल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹1,06,940 करोड़ तक पहुंच गई, जो पिछले साल की तुलना में 25% की वृद्धि दर्शाती है। रिटेल पोर्टफोलियो 32% बढ़कर ₹91,249 करोड़ हो गया है और अब यह कुल संपत्ति का 85% है। मॉर्गेज, गोल्ड लोन और छोटे व्यवसायों के लिए क्रेडिट सेगमेंट में विशेष रूप से मजबूत ग्रोथ देखने को मिली है। कुल रिटेल डिस्बर्समेंट 44% बढ़कर ₹12,527 करोड़ हो गया। मॉर्गेज बिजनेस पोर्टफोलियो का एक अहम हिस्सा बना हुआ है, जिसका कुल AUM में ₹61,199 करोड़ का योगदान है।
बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी
कंपनी ने ऑपरेशनल एफिशिएंसी में भी सुधार दिखाया है। कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो पिछले साल की इसी अवधि के 65.6% से घटकर 52.5% हो गया है। नेट इंटरेस्ट इनकम 43% बढ़कर ₹1,442 करोड़ हो गई, जबकि टोटल इनकम 37% बढ़कर ₹1,693 करोड़ रही। एसेट क्वालिटी की बात करें तो ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) 2.4% पर थे, जबकि नेट एनपीए 1.6% पर थे। कंपनी की नेट वर्थ ₹28,906 करोड़ दर्ज की गई, जिसमें ₹6,925 करोड़ कैश और लिक्विड एसेट्स के रूप में रखे गए हैं।
निवेशक ₹4,000 करोड़ की कैपिटल रेज प्रक्रिया पर बारीकी से नज़र रखेंगे, क्योंकि इसकी अंतिम शर्तें और समय कंपनी की कैपिटल एडिक्वेसी और मौजूदा शेयरधारकों के लिए संभावित डाइल्यूशन को प्रभावित करेंगी। इसके अलावा, प्रतिस्पर्धी क्रेडिट माहौल में रिटेल बुक का विस्तार करते हुए एसेट क्वालिटी बनाए रखना लंबी अवधि के प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण होगा।
