Piramal Finance Limited ने Q3 FY26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं, जो कंपनी के मजबूत प्रदर्शन और रिटेल-फोकस्ड NBFC बनने की राह पर एक बड़ा कदम दर्शाते हैं। इस तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 940% की जबरदस्त छलांग लगाकर ₹401 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि, तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर इसमें 1% की हल्की गिरावट दर्ज की गई। इस फाइनेंशियल ईयर के पहले नौ महीनों (9M FY26) में, कंपनी का कंसोलिडेटेड PAT 162% की भारी बढ़ोतरी के साथ ₹1,004 करोड़ रहा।
कमाई का राज: रिटेल पर फोकस और AUM ग्रोथ
इस ज़बरदस्त प्रॉफिट ग्रोथ के पीछे कंपनी के बढ़ते लोन बुक का बड़ा हाथ है। Piramal Finance की AUM (Assets Under Management) पिछले साल के मुकाबले 23% बढ़कर ₹96,690 करोड़ पर पहुंच गई है, और इस तिमाही में इसमें 6% का इजाफा हुआ। यह ग्रोथ कंपनी की रिटेल लेंडिंग पर रणनीति के सफल होने का संकेत है।
भविष्य की बड़ी योजना: ₹1.5 लाख करोड़ AUM का लक्ष्य
कंपनी ने महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है कि वह मार्च 2028 तक अपनी AUM को दोगुना से अधिक कर ₹1.5 लाख करोड़ तक ले जाएगी। इसके लिए अगले तीन फाइनेंशियल ईयर में 24-26% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) हासिल करने का अनुमान है।
वित्तीय मजबूती और बेहतर मार्जिन
इस दौरान, कंपनी का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 51 बेसिस पॉइंट (bps) सुधरकर 6.3% पर आ गया, जो कंपनी के लेंडिंग पोर्टफोलियो पर बेहतर यील्ड्स का संकेत है। प्री-प्रोविजन ऑपरेटिंग प्रॉफिट (PPOP) में भी तिमाही आधार पर 84% की वृद्धि देखी गई और यह ₹659 करोड़ रहा। कंपनी का नेट वर्थ ₹27,872 करोड़ है, जबकि कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो 20.3% पर काफी मजबूत बना हुआ है।
पोर्टफोलियो का कायापलट और फंड जुटाना
Piramal Finance अपने बिजनेस मॉडल को 'हाई टेक / हाई टच' रणनीति के साथ नया आकार दे रही है, जिसमें रिटेल एसेट्स को प्राथमिकता दी जा रही है। कंपनी का प्लान FY26 के अंत तक 'लिगेसी AUM' (पुराने थोक ऋण) को कुल AUM के 5% से भी कम लाने का है।
अपनी विस्तार योजनाओं को पंख देने के लिए, Piramal Finance ने इंटरनेशनल फाइनेंस कॉर्पोरेशन (IFC) और एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) जैसे डेवलपमेंट फाइनेंसियल इंस्टीट्यूशन (DFI) से $350 मिलियन (लगभग ₹2,900 करोड़) की पहली फंडिंग हासिल की है। इसके अलावा, कंपनी ने अपनी परिसंपत्तियों को और व्यवस्थित करने के लिए श्रीराम लाइफ इंश्योरेंस में अपनी हिस्सेदारी ₹600 करोड़ में बेच दी है। Crisil ने कंपनी के लॉन्ग-टर्म डेट को AA+ की मजबूत रेटिंग दी है, जो इसकी क्रेडिट योग्यता में सुधार को दर्शाती है।
एसेट क्वालिटी पर नज़र
जहां एक ओर कंपनी के नतीजे बेहद मजबूत हैं, वहीं निवेशकों को एसेट क्वालिटी पर बारीक नज़र रखनी होगी। नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NNPA) का रेश्यो पिछले साल के 1.5% से बढ़कर इस तिमाही में 1.9% हो गया है। हालांकि, ग्रॉस एनपीए (GNPA) रेश्यो 2.6% पर स्थिर बना हुआ है, लेकिन NNPA में हुई यह बढ़ोतरी रिटेल पोर्टफोलियो के बढ़ने के साथ-साथ सावधानीपूर्वक प्रबंधन की मांग करती है।