Piramal Finance ने 31 मार्च 2026 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹1,506 करोड़ का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) घोषित किया है। यह पिछले साल की तुलना में 210% की जबरदस्त बढ़ोतरी है। हालांकि, इस शानदार फिगर के पीछे ₹1,509 करोड़ के वन-टाइम गेन्स का बड़ा हाथ है, जो कंपनी ने Piramal Imaging और Shriram Life Insurance में अपनी हिस्सेदारी बेचकर कमाए हैं। कंपनी अपने रिटेल लेंडिंग बिजनेस पर फोकस बढ़ा रही है, जहाँ एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 33% बढ़कर ₹85,885 करोड़ हो गया है। यह कंपनी के कुल AUM का 85% हिस्सा है। मगर, मार्केट की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कंपनी अपने कोर बिजनेस से ऐसा ही प्रदर्शन बरकरार रख पाएगी या सिर्फ एसेट बिक्री का फायदा ही दिखेगा।
एसेट बिक्री से प्रॉफिट में उछाल
FY26 के लिए ₹1,506 करोड़ का प्रॉफिट पिछले साल के मुकाबले काफी ज्यादा है। इस बढ़ोतरी में Piramal Imaging की बिक्री से ₹1,326 करोड़ और Shriram Life Insurance की हिस्सेदारी से ₹263 करोड़ का फायदा शामिल है। अगर इन वन-ऑफ (one-off) ट्रांजैक्शन को हटा दें, तो कोर लेंडिंग से होने वाली असल कमाई पर और गौर करने की जरूरत है, खासकर जब Piramal Finance अपने पुराने होलसेल पोर्टफोलियो को कम कर रही है। तुलना के लिए, Q3 FY26 में, इन बिक्री का पूरा असर दिखने से पहले, कंपनी ने ₹401 करोड़ का PAT रिपोर्ट किया था, जो पिछले साल से 939.96% ज्यादा था। उस समय यह बढ़ोतरी बेहतर मार्जिन और एफिशिएंट ऑपरेशंस के कारण हुई थी, जो कोर बिजनेस में प्रगति का संकेत देती है।
रिटेल लेंडिंग से एसेट ग्रोथ में तेजी
Piramal Finance ने रिटेल लेंडिंग पर अपना फोकस बढ़ाकर अपने एसेट मिक्स को बदल दिया है। रिटेल AUM सालाना 33% बढ़कर ₹85,885 करोड़ हो गया, जो कुल ₹1,01,230 करोड़ के AUM का 85% है। कुल AUM में 25% की बढ़ोतरी हुई है। इस रिटेल सेगमेंट में, मॉर्गेज लोन 32% बढ़कर ₹57,837 करोड़ तक पहुंच गए। Q4 में मॉर्गेज डिस्बर्समेंट 34% बढ़कर ₹13,101 करोड़ हो गया, जो ग्राहकों की मजबूत मांग को दिखाता है। इस रिटेल-केंद्रित रणनीति का मकसद बैलेंस शीट पर रिस्क कम करना और ज्यादा प्रॉफिटेबल कंज्यूमर क्रेडिट मार्केट में मौके भुनाना है। NBFC सेक्टर में भी ऐसे ही ट्रेंड दिख रहे हैं, जहाँ FY26 के लिए लोन ग्रोथ 15-18% रहने का अनुमान है।
कॉम्पिटिशन के बीच वैल्यूएशन
Piramal Finance का मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹41,712 करोड़ से ₹42,273 करोड़ के बीच है। इसका पिछले बारह महीनों (TTM) का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेशियो 35.9x से 41.48x के बीच है (अप्रैल 2026 तक)। यह वैल्यूएशन NBFC मार्केट के कॉम्पिटिटिव सेगमेंट में आता है। उदाहरण के लिए, Bajaj Finance का मार्केट कैप करीब ₹5.58 लाख करोड़ और P/E करीब 31.1x है, जबकि Shriram Finance का P/E करीब 22.5x है। Piramal Finance के शेयर ने हाल ही में अच्छा प्रदर्शन किया है, पिछले 1 साल में करीब 40.82% का रिटर्न दिया है। यह Bajaj Finance (-0.84%) से बेहतर है, लेकिन Muthoot Finance (+68.64%) जैसे कुछ साथियों से पीछे है। कंपनी का शेयर अपने 52-हफ्ते के हाई ₹1,955 के करीब कारोबार कर रहा है।
फाइनेंशियल स्टेबिलिटी और क्रेडिट क्वालिटी
कंपनी ने अपनी एसेट क्वालिटी को स्थिर बनाए रखा है। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPAs) 2.3% पर थे, और नेट NPAs 1.6% थे। औसत बोरिंग कॉस्ट सालाना 29 बेसिस पॉइंट्स घटकर 8.84% हो गई। इसे Crisil, ICRA, और Care से AA+ रेटिंग में अपग्रेड और Moody's से स्टेबल आउटलुक के साथ-साथ S&P Global से BB रेटिंग का सहारा मिला। Piramal Finance ने फाइनेंशियल ईयर का अंत ₹28,191 करोड़ की नेट वर्थ और ₹8,640 करोड़ की लिक्विडिटी के साथ किया, जो उसके कुल एसेट्स का 8% है।
सेक्टर की चुनौतियाँ और आर्थिक कारक
पूरा NBFC सेक्टर एक डायनामिक मार्केट का सामना कर रहा है। जहाँ लोन ग्रोथ मजबूत रहने की उम्मीद है, वहीं बढ़ती फंडिंग कॉस्ट नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) पर दबाव डाल रही है, जिसे कुछ एनालिस्ट्स पीक पर मानते हैं। करीब 6.93% की सरकारी सिक्योरिटीज यील्ड इस ट्रेंड को दर्शाती है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने रेपो रेट 5.25% पर बनाए रखा है, लेकिन ग्लोबल टेंशन और महंगाई की चिंता अनिश्चितता पैदा करती है। कुछ एनालिस्ट्स 2026 में ब्याज दरें बढ़ने की आशंका जता रहे हैं, भले ही इकोनॉमी स्थिर दिखे। बोरिंग कॉस्ट को मैनेज करना और फंडिंग सोर्स को डाइवर्सिफाई करना महत्वपूर्ण बना रहेगा। Piramal Finance द्वारा IFC और ADB से $350 मिलियन का DFI फंड सुरक्षित करना इसी दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
जोखिम और भविष्य का दृष्टिकोण
खास रिपोर्टेड प्रॉफिट के बावजूद, कई जोखिम मौजूद हैं। Piramal Finance का पूरे साल के प्रॉफिट को बढ़ाने के लिए वन-टाइम गेन्स पर निर्भर रहना निवेशकों के लिए चिंता का विषय है। पुराने होलसेल लेंडिंग बिजनेस से रिटेल-केंद्रित मॉडल में बदलाव, जो कि रणनीतिक रूप से सही है, उसमें एग्जीक्यूशन के चैलेंजेस हैं और कॉम्पिटिशन बढ़ रहा है। रिटेल लेंडिंग सेगमेंट में फंडिंग कॉस्ट बढ़ने का दबाव है, जो प्रॉफिट मार्जिन को कम कर सकता है। एनालिस्ट्स यह भी बताते हैं कि Piramal Finance का कर्ज उसके ऑपरेटिंग कैश फ्लो से पूरी तरह कवर नहीं होता। इसके अलावा, FY26 के लिए कंपनी का रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) इन एक्सेप्शनल आइटम्स से काफी प्रभावित हुआ था। कंपनी का P/E रेशियो, जो लगभग 40x है, हाई ग्रोथ एक्सपेक्टेशंस को दर्शाता है, जिसे इस बेहद कॉम्पिटिटिव रिटेल फाइनेंस मार्केट में ऑर्गेनिक ग्रोथ से लगातार पूरा करना होगा।
एनालिस्ट्स की राय और कंपनी के लक्ष्य
एनालिस्ट्स आमतौर पर Piramal Finance के लिए 'Buy' रेटिंग के साथ पॉजिटिव नजरिया रखते हैं। अगले 12 महीनों के लिए एवरेज टारगेट प्राइस लगभग ₹1,843.75 है, जो स्टॉक प्राइस में तत्काल ज्यादा ग्रोथ की गुंजाइश कम दिखाता है, यानि मार्केट पहले से ही अनुमानित ग्रोथ को डिस्काउंट कर चुका है। अर्निंग्स में सालाना 36.36% की ग्रोथ का अनुमान है। मैनेजमेंट को FY28 तक ₹1.5 लाख करोड़ के AUM लक्ष्य तक पहुंचने का भरोसा है, जिसे उसके बढ़ते रिटेल प्रेजेंस और ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार का सहारा मिलेगा।
