मुनाफे में 390% की बंपर उछाल!
Piramal Finance ने पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले इस बार नेट प्रॉफिट में 390% का इजाफा करते हुए ₹502 करोड़ का आंकड़ा पार किया है। इस शानदार प्रदर्शन के पीछे कई वजहें हैं, जिनमें एसेट बिक्री से हुआ ₹1,590 करोड़ का असाधारण लाभ भी शामिल है। कंपनी ने ₹1 लाख करोड़ का AUM मील का पत्थर भी पार कर लिया है, जो अब बढ़कर ₹1.01 लाख करोड़ हो गया है। यह सब कंपनी की रिटेल-केंद्रित बिजनेस मॉडल की ओर रणनीतिक बदलाव का नतीजा है।
रिटेल ग्रोथ और बेहतर मार्जिन
कंपनी का ध्यान अब रिटेल सेगमेंट पर केंद्रित है, जिसका AUM एक तिहाई बढ़कर ₹85,885 करोड़ हो गया है, जो कुल पोर्टफोलियो का 85% है। इस फोकस से कंपनी के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में 6.5% तक का सुधार हुआ है, जो पिछले साल से 23 बेसिस पॉइंट ज्यादा है। कम हुई बॉरोइंग कॉस्ट (जो 29 बेसिस पॉइंट घटकर 8.84% हुई) और बेहतर पोर्टफोलियो मिक्स ने इसमें और मदद की। कंपनी के प्री-प्रोविजन ऑपरेटिंग प्रॉफिट में भी 25% की सालाना बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹694 करोड़ रहा। साथ ही, कंपनी ने खर्चों को भी संभाला है, जिससे AUM पर खर्च घटकर 3.4% रह गया है, जो पहले 4% था।
मूल्यांकन और चिंताएं
जहां एक ओर Piramal Finance का मुनाफा तेजी से बढ़ा है, वहीं इसका मूल्यांकन (Valuation) और भविष्य को लेकर कुछ चिंताएं भी हैं। NBFC सेक्टर में जहां 15-18% की लोन ग्रोथ का अनुमान है, वहीं Piramal Finance का ट्रेलिंग ट्वेल्व मंथ P/E रेशियो करीब 41.48 है, जो HDFC Bank (P/E ~16-19x) और Bajaj Finance (P/E ~31.8-35.2x) जैसे साथियों से काफी ज्यादा है। इसके बावजूद, कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) सिर्फ -0.05% (TTM) और पिछले तीन सालों में 5.54% रहा है। इस हाई वैल्यूएशन के मुकाबले कम ROE चिंता का विषय है।
कोर कमाई और प्रोविजन्स पर सवाल?
मुनाफे में 390% की उछाल मुख्य रूप से एसेट बिक्री से मिले ₹1,590 करोड़ के एकमुश्त लाभ की वजह से है। ऐसे में, कंपनी की कोर कमाई (Core Earnings) की सस्टेनेबिलिटी पर सवाल उठते हैं। इसके अलावा, Piramal Finance ने पुराने एसेट्स (Legacy Assets) के लिए लोन लॉस प्रोविजन्स को बढ़ाकर ₹1,787 करोड़ कर दिया है, जो पिछले साल के ₹531 करोड़ से काफी ज्यादा है। यह इशारा करता है कि कंपनी के पुराने पोर्टफोलियो में कुछ क्रेडिट क्वालिटी की समस्याएं हो सकती हैं।
भविष्य की राह
इन चिंताओं के बावजूद, एनालिस्ट्स Piramal Finance को लेकर सतर्कता के साथ आशावादी बने हुए हैं। ब्रोकरेज फर्मों ने 'Buy' या 'Outperform' रेटिंग बनाए रखी है और औसत 12-महीने का प्राइस टारगेट करीब ₹1,843.75 दिया है। बाजार ने भी नतीजों के बाद शेयर में 1.4% की मामूली गिरावट दर्ज की, जो ₹1,837.90 पर बंद हुआ। कंपनी अपने रिटेल बिजनेस को बढ़ाने और AI का उपयोग करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। मजबूत लिक्विडिटी पोजीशन (₹8,640 करोड़ कैश और लिक्विड इन्वेस्टमेंट) और मिली क्रेडिट रेटिंग अपग्रेड्स कंपनी के फंडिग पर विश्वास दिखाते हैं। भविष्य में रिटेल स्ट्रेटेजी का सफल क्रियान्वयन और पुराने एसेट्स का मैनेजमेंट कंपनी की ग्रोथ के लिए अहम होगा।
