Fintech कंपनी Pine Labs ने अब अपने पूरे बिजनेस मॉडल को Voice AI और 'Agentic Commerce' की ओर शिफ्ट कर दिया है। कंपनी ने Q1FY27 में **₹737 करोड़** का रेवेन्यू हासिल किया है, जो सालाना आधार पर **20%** ज्यादा है, जबकि मुनाफा चार गुना बढ़कर आया है।
गुरुग्राम स्थित फिनटेक कंपनी Pine Labs अब ट्रेडिशनल पेमेंट प्रोसेसिंग से आगे बढ़कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में कदम रख चुकी है। कंपनी का फोकस अब ऐसी 'Agentic Commerce' प्रणाली पर है, जहां मर्चेंट्स अपनी समस्याओं का समाधान नेचुरल लैंग्वेज (वॉयस कमांड) के जरिए कर सकेंगे।\n\n### AI और ऑटोमेशन पर कंपनी का दांव\n\nPine Labs ने 'Agentic Commerce Suite' पेश किया है, जो बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के जटिल ऑपरेशन्स को पूरा करने में सक्षम है। कंपनी के नए 'Pine Labs Payment Protocol' (P3P) की मदद से AI एजेंट प्री-ऑथराइज्ड UPI ट्रांजेक्शन को चुटकियों में पूरा कर सकेंगे। L&T Finance और BigBasket जैसी दिग्गज कंपनियों के साथ साझेदारी करके इसे पहले ही लागू किया जा चुका है।\n\n### फाइनेंशियल सेहत और ग्रोथ\n\nकंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही (Q1FY27) में शानदार आंकड़े पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹737 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 20% की बढ़त है। सबसे चौंकाने वाली बात रही नेट प्रॉफिट, जो पिछले साल के ₹4.79 करोड़ से उछलकर ₹19.57 करोड़ तक पहुंच गया है।\n\nकंपनी अब 'Credit-on-UPI' सेगमेंट को भी बड़े पैमाने पर स्केल कर रही है और अपने हाल ही में मिले 'Payment Aggregator-Cross Border' (PA-CB) लाइसेंस का इस्तेमाल कर इंटरनेशनल पेमेंट्स को आसान बना रही है।\n\n### रिस्क फैक्टर और भविष्य की राह\n\nभले ही AI में कंपनी की एंट्री भविष्य के लिए बड़ी संभावना लेकर आई है, लेकिन ऑटोनॉमस ट्रांजेक्शन के साथ सिक्योरिटी और फ्रॉड प्रिवेंशन की चुनौतियां भी बढ़ गई हैं। साथ ही, ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर और POS नेटवर्क के विस्तार के लिए भारी खर्च की जरूरत होगी। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या कंपनी अपने प्रॉफिट मार्जिन को इन बढ़ते खर्चों के बीच स्टेबल रख पाती है या नहीं।
