4.7 करोड़ व्यापारियों का विशाल नेटवर्क
सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के पास फाइल किए गए डेटा के अनुसार, PhonePe का रजिस्टर्ड मर्चेंट बेस 30 सितंबर 2025 तक 47.19 मिलियन (यानी करीब 4.7 करोड़) तक पहुँच गया है। यह आंकड़ा भारत के 98.61% पिन कोड को कवर करता है।
खास बात यह है कि यह बेस 31 मार्च 2025 तक भारत के कुल व्यापार और सेवा मर्चेंट आबादी का 77% से 80% था। मर्चेंट्स की एक्टिविटी की बात करें तो, मार्च 2025 में 11.31 मिलियन मर्चेंट हर महीने एक्टिव थे, जो देश के कुल एक्टिव UPI मर्चेंट्स का लगभग 54% है। मर्चेंट्स की डेली एक्टिविटी में भी काफी उछाल देखा गया, जो मार्च 2023 में 44.18% से बढ़कर सितंबर 2025 तक 60.77% हो गई।
हार्डवेयर से 'स्टिकी' रेवेन्यू: 91 लाख डिवाइस
PhonePe की फिजिकल मौजूदगी का एक अहम हिस्सा हार्डवेयर है, जिससे 'स्टिकी' सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू (Subscription Revenue) आता है। फिलहाल तैनात 9.19 मिलियन डिवाइस सिर्फ पेमेंट टूल नहीं हैं। खासकर Smartspeaker एक कम्युनिकेशन मीडियम की तरह काम करता है, जिससे मर्चेंट्स को बिज़नेस अपडेट्स और अलर्ट मिलते हैं। इस हार्डवेयर नेटवर्क को बनाए रखने के लिए 25,657 लोगों की एक विशाल फील्ड फोर्स और ग्रामीण विस्तार पर ध्यान केंद्रित करने वाले 31,000 से अधिक कमीशन एजेंट काम कर रहे हैं।
मर्चेंट लेंडिंग में रॉकेट जैसी ग्रोथ
DRHP में मर्चेंट लेंडिंग (Merchant Lending) को ग्रोथ का सबसे तेज़ जरिया बताया गया है। अपने 4.7 करोड़ मर्चेंट्स से मिले ट्रांजेक्शन डेटा का इस्तेमाल करके, PhonePe पार्टनर लेंडर्स को कोलेटरल-फ्री लोन (Collateral-free Loan) के लिए क्रेडिट इनसाइट्स (Credit Insights) देता है। लोन की कुल राशि (Disbursals) FY2023 में मात्र ₹0.11 बिलियन से बढ़कर FY2025 में ₹45.07 बिलियन हो गई। सिर्फ FY2026 की पहली छमाही में लेंडिंग रेवेन्यू ₹2,880.87 मिलियन तक पहुँच गया, जो पिछले पूरे साल की कमाई का लगभग 88% है।
फाइनेंशियल आउटलुक
सिर्फ मर्चेंट पेमेंट्स सेगमेंट (Merchant Payments Segment) ने FY2025 में ₹19,910.36 मिलियन का रेवेन्यू जेनरेट किया, जो PhonePe के कुल ऑपरेशंस रेवेन्यू का लगभग 28% था। ₹15 ट्रिलियन के सालाना टोटल पेमेंट वैल्यू (TPV) के साथ, कंपनी ने अपने विशाल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर को सफलतापूर्वक एक हाई-वैल्यू फाइनेंशियल सर्विसेज प्लेटफॉर्म में बदल दिया है।