डिजिटल पेमेंट्स की दुनिया में PhonePe ने Visa के साथ हाथ मिलाया है। इस पार्टनरशिप के तहत 'Tap to Pay' और क्रॉस-बॉर्डर QR पेमेंट जैसी सुविधाएं मिलेंगी, जो कंपनी को IPO से पहले अपनी सर्विस पोर्टफोलियो मजबूत करने में मदद करेंगी।
Global Fintech Fest 2026 के दौरान PhonePe और Visa ने मिलकर एक नई पहल की घोषणा की है। इस साझेदारी का मुख्य मकसद भारतीय ग्राहकों को बिना फिजिकल क्रेडिट या डेबिट कार्ड के ट्रांजैक्शन की सुविधा देना है।
इंटरनेशनल और मर्चेंट पेमेंट्स में बड़ा बदलाव
अब भारतीय यात्री 'Cross Border Scan to Pay' फीचर का इस्तेमाल कर 14 देशों में, जिनमें सिंगापुर, जापान, थाईलैंड और दक्षिण कोरिया जैसे प्रमुख देश शामिल हैं, Visa इनेबल्ड QR कोड स्कैन कर पेमेंट कर सकेंगे। इसके अलावा, मर्चेंट्स के लिए 'Smart Accept' सॉल्यूशन लाया गया है, जो किसी भी सामान्य स्मार्टफोन को पॉइंट-ऑफ-सेल टर्मिनल में बदल देगा। इससे छोटे दुकानदारों को महंगे हार्डवेयर की जरूरत नहीं पड़ेगी। साथ ही, एंड्रॉइड यूजर्स के लिए 'Tap to Pay' फीचर भी पेश किया गया है, जो टोकनाइजेशन तकनीक का इस्तेमाल कर ट्रांजैक्शन को पूरी तरह सुरक्षित बनाता है।
IPO की तैयारी और बिजनेस मॉडल में बदलाव
जनवरी 2026 में IPO की मंजूरी मिलने के बाद, PhonePe अब पूरी तरह से अपनी निर्भरता UPI से हटाकर रेवेन्यू के नए स्रोत बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। NPCI द्वारा UPI मार्केट शेयर पर लगाए गए नियमों के बीच, Visa के ग्लोबल नेटवर्क के साथ जुड़कर कंपनी खुद को एक 'ऑल-इन-वन पेमेंट गेटवे' के रूप में स्थापित करना चाहती है।
रिस्क और निवेशकों के लिए ध्यान देने वाली बातें
इस नई तकनीक के साथ सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां भी बढ़ती हैं, जैसे कि 'अनऑथोराइज्ड पुश पेमेंट फ्रॉड'। कंपनी के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वह अंतरराष्ट्रीय रेगुलेटरी नियमों का पालन और डेटा सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करती है। निवेशकों की नजर अब इन नई कार्डलेस सुविधाओं के एडॉप्शन रेट और कंपनी के IPO टाइमलाइन पर टिकी है।
