डिजिटल पेमेंट की दिग्गज कंपनी PhonePe ने UAE के सेंट्रल बैंक से लाइसेंस हासिल कर लिया है। यह पहली बार है जब कंपनी भारत के बाहर अपना खुद का लोकल पेमेंट ऑपरेशन शुरू करने जा रही है।
ग्लोबल मार्केट में नई पारी
अब तक PhonePe विदेशों में सिर्फ क्रॉस-बॉर्डर UPI पेमेंट तक सीमित था, लेकिन इस नए लाइसेंस के साथ कंपनी UAE में अपनी खुद की पेमेंट सर्विस इन्फ्रास्ट्रक्चर खड़ा करेगी। यह कदम कंपनी के लिए अपने रेवेन्यू सोर्सेज को डाइवर्सिफाई करने का एक बड़ा मौका है।
फाइनेंशियल सेहत और चुनौती
Walmart के मालिकाना हक वाली PhonePe ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में ₹7,920 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया है, जिसमें साल-दर-साल 11.5% की ग्रोथ देखी गई है। हालांकि, कंपनी को ₹2,792 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस भी हुआ है, जिसमें एडजस्टमेंट के बाद नॉर्मलाइज्ड ऑपरेटिंग लॉस ₹1,377 करोड़ रहा है।
आगे का रोडमैप और रिस्क
मुनाफे की राह तलाशने के लिए कंपनी अब पूरी तरह से लेंडिंग और फाइनेंशियल इंक्लूजन पर फोकस कर रही है। कंपनी ने अब तक 1.5 मिलियन से ज्यादा मर्चेंट लोन बांटे हैं।
हालांकि, राह आसान नहीं है। कंपनी को कड़े कॉम्पिटिशन के साथ-साथ भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की बदलती गाइडलाइन्स और UPI मार्केट शेयर कैप जैसे नियमों का सामना करना पड़ रहा है। इन रेगुलेटरी चुनौतियों और बाजार में अस्थिरता के कारण फिलहाल कंपनी के IPO प्लान्स को भी टाल दिया गया है।
