रेवेन्यू में बंपर उछाल: पेमेंट से आगे बढ़ा PhonePe
बेंगलुरु की यह फिनटेक दिग्गज अब सिर्फ लो-मार्जिन वाले पीयर-टू-पीयर ट्रांसफर पर निर्भर नहीं है। कंपनी के ऑपरेशन्स से होने वाला रेवेन्यू कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) के हिसाब से 56.25% की रफ्तार से बढ़ा है। FY2023 में यह ₹29,142.87 million था, जो FY2025 में बढ़कर ₹71,148.58 million हो गया। कंपनी की ग्रोथ की यह रफ्तार कम होने का नाम नहीं ले रही, क्योंकि चालू फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के पहले 6 महीनों (30 सितंबर 2025 तक) में ही कंपनी ₹39,184.69 million का रेवेन्यू कमा चुकी है।
स्ट्रैटेजिक बदलाव: लैंडिंग और मर्चेंट पर फोकस
अब कंपनी के रेवेन्यू की क्वालिटी में बड़ा बदलाव आया है। मर्चेंट पेमेंट्स, जो पहले बिज़नेस का छोटा हिस्सा थे, चालू फाइनेंशियल ईयर के पहले हाफ में कुल रेवेन्यू का लगभग 31% रहे। यह दो साल पहले के 14.75% की तुलना में काफी बड़ी छलांग है। इससे भी महत्वपूर्ण है फाइनेंशियल सर्विसेज में तेज़ी से हुआ विस्तार। लैंडिंग और इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन बिज़नेस का रेवेन्यू शेयर FY2023 में न के बराबर (0.96%) से बढ़कर सितंबर 2025 तक 11.55% हो गया है। PhonePe अब रिस्क को अपने बैलेंस शीट पर रखने के बजाय एक डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म के तौर पर काम कर रहा है, जिससे वह कैपिटल-इंटेंसिव दबाव के बिना इन हाई-यील्ड वर्टिकल्स को स्केल कर पा रहा है।
ऑपरेशनल एफिशिएंसी और मार्जिन में सुधार
हालांकि कंपनी नेट बेसिस पर अभी भी लॉस में है, लेकिन यह ट्रेंड प्रॉफिटेबिलिटी की ओर एक स्पष्ट रास्ता दिखा रहा है। FY2025 के लिए रीस्टेटेड लॉस ₹17,274.10 million रहा, जो FY2023 के स्तर से ₹10.6 billion से भी ज़्यादा का बड़ा सुधार है। नेगेटिव मार्जिन में इस दौरान भारी कमी आई है, जो -90.68% से सुधरकर -22.64% हो गया है। सबसे अहम बात यह है कि एडjusted बेसिस पर, ग्रुप पहले ही टर्न-अराउंड कर चुका है, और FY2025 के लिए एक प्रॉफिटेबल एडjusted EBIT दर्ज किया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर जो देता है बड़ा एज
मैनेजमेंट इस फाइनेंशियल लिवरेज का श्रेय प्रोप्राइटरी डेटा सेंटर्स में किए गए शुरुआती निवेश को देता है। इस कदम से PhonePe प्लेटफॉर्म कॉस्ट को ट्रांज़ैक्शन वॉल्यूम से अलग कर पाया है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि यूजर एक्टिविटी बढ़ने के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर एक्सपेंसेस बेकाबू न हों। इसके नतीजतन होने वाली फ्री कैश जनरेशन - FY2025 में ₹1,904.76 million - का अब स्टॉक ब्रोकिंग और इंडस ऐपस्टोर जैसे नए ग्रोथ इंजन में फिर से निवेश किया जा रहा है।