PhonePe ने UPI 123Pay लॉन्च किया है, जिससे भारत के **20 करोड़** फीचर फोन यूजर अब बिना इंटरनेट के पेमेंट कर पाएंगे। हालांकि, इस विस्तार के साथ कंपनी के सामने बढ़ते खर्च और मुनाफे का दबाव बना हुआ है।
बिना इंटरनेट, अब डिजिटल पेमेंट की राह
PhonePe ने SMS-आधारित तकनीक UPI 123Pay को पेश कर एक बड़ी पहल की है। अब आम आदमी को स्मार्टफोन या इंटरनेट की जरूरत नहीं होगी; वे फीचर फोन के जरिए आसानी से पैसे ट्रांसफर कर पाएंगे और मर्चेंट पेमेंट कर सकेंगे। इस सेवा को आसान बनाने के लिए कंपनी ने Nokia, HMD Global, Lava और itel जैसे प्रमुख फोन निर्माताओं के साथ हाथ मिलाया है। साथ ही, 12 क्षेत्रीय भाषाओं में AI-पावर्ड हेल्पलाइन भी शुरू की गई है ताकि नए यूजर्स को तकनीकी दिक्कत न हो।
बड़े यूजर बेस के साथ वित्तीय चुनौतियां
जुलाई 2026 तक, PhonePe के पास 71.5 करोड़ रजिस्टर्ड यूजर और 5 करोड़ मर्चेंट हैं। लेकिन इस भारी-भरकम पैमाने के साथ कंपनी के सामने खर्च का संकट भी है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी ने ₹7,920 करोड़ का रेवेन्यू तो जुटाया, लेकिन साथ ही ₹2,792 करोड़ का बड़ा नेट लॉस भी रिपोर्ट किया है।
भविष्य की राह और रेगुलेटरी बाधाएं
रेगुलेटरी सख्ती और कड़े मुकाबले के बीच कंपनी के लिए आगे की राह आसान नहीं है। गेमिंग और रेंट पेमेंट जैसे रेवेन्यू सोर्स पर पाबंदियों के बाद, PhonePe के लिए सबसे बड़ी चुनौती अब इस नए यूजर बेस से पैसा कमाने (Monetization) की है। निवेशक अब बारीकी से देख रहे हैं कि कंपनी अपने 'कैश बर्न' को कम करके कब तक प्रॉफिटेबिलिटी की ओर कदम बढ़ाती है।
