डिजिटल पेमेंट क्षेत्र की दिग्गज कंपनी PhonePe ने अब फीचर फोन यूजर्स के लिए SMS-आधारित UPI सर्विस लॉन्च कर दी है। इसके लिए इंटरनेट की जरूरत नहीं होगी। कंपनी ने Nokia और Lava जैसी कंपनियों के साथ साझेदारी की है। हालांकि, FY26 में कंपनी का नेट लॉस **₹2,792 करोड़** रहा है।
बिना इंटरनेट के कैसे होगा पेमेंट?
RBI के UPI 123Pay फ्रेमवर्क पर आधारित यह सर्विस उन ग्राहकों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है। अब यूजर्स बिना किसी एक्टिव मोबाइल डेटा के आसानी से पीयर-टू-पीयर ट्रांसफर, मर्चेंट पेमेंट और बैलेंस चेक जैसी सुविधाएं पा सकेंगे। इस सर्विस को Nokia, HMD Global, Lava International और itel जैसे डिवाइस में प्री-इंस्टॉल्ड सॉफ्टवेयर के जरिए रोलआउट किया जा रहा है। साथ ही, कंपनी ने नए यूजर्स के लिए मल्टीलिंगुअल वॉयस हेल्पलाइन भी शुरू की है।
फाइनेंशियल सेहत और मार्केट पोजीशन
अनलिस्टेड कंपनी होने के नाते PhonePe पर निवेशकों की नजरें बनी रहती हैं। FY26 के आंकड़ों पर गौर करें तो कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹7,920 करोड़ रहा है। हालांकि, तेजी से विस्तार और नए वर्टिकल्स में निवेश के कारण कंपनी को ₹2,792 करोड़ का नेट लॉस उठाना पड़ा है। फिलहाल भारतीय UPI इकोसिस्टम में PhonePe की मार्केट हिस्सेदारी 45-48% के करीब है, जो इसे मार्केट का लीडर बनाती है।
भविष्य की चुनौतियां और रिस्क
फीचर फोन मार्केट में पैठ बनाना कंपनी के लिए ग्रोथ का नया जरिया है, लेकिन इसके साथ ही रेगुलेटरी जोखिम भी जुड़े हैं। अतीत में रियल-मनी गेमिंग और क्रेडिट कार्ड रेंट पेमेंट से जुड़े नियमों में बदलाव ने कंपनी की रेवेन्यू स्ट्रीम्स को प्रभावित किया है। चूंकि यह कंपनी अभी स्टॉक मार्केट (NSE/BSE) पर लिस्ट नहीं है, इसलिए निवेशकों को लिक्विडिटी रिस्क का भी ध्यान रखना चाहिए। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कंपनी इस नए फीचर को अपनाते हुए प्रॉफिटेबिलिटी की ओर बढ़ पाती है।
