PhonePe का बड़ा दांव! क्रेडिट कार्ड और लेंडिंग मार्केट में एंट्री, जानें क्या है निवेशकों के लिए रिस्क

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AuthorNeha Patil|Published at:
PhonePe का बड़ा दांव! क्रेडिट कार्ड और लेंडिंग मार्केट में एंट्री, जानें क्या है निवेशकों के लिए रिस्क

Global Fintech Fest 2026 में PhonePe ने अपनी नई लेंडिंग सर्विस का ऐलान किया है। कंपनी अब HDFC Bank और SBI के साथ मिलकर को-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड और 'Wishcard' लॉन्च कर रही है, जो पहली बार कर्ज लेने वालों को टारगेट करेगा।

बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव

डिजिटल पेमेंट्स में दबदबा बनाने के बाद, PhonePe अब लेंडिंग के मैदान में उतर चुका है। कंपनी ने HDFC Bank के साथ मिलकर Ultimo और Uno कार्ड्स पेश किए हैं, वहीं SBI Card के साथ Select Black और Purple वेरिएंट्स लॉन्च किए हैं। सबसे खास है 'Wishcard', जिसके लिए केवल ₹2,000 की फिक्स्ड डिपॉजिट की जरूरत होगी। यह खासकर उन छात्रों और फ्रीलांसर्स के लिए है जिनका क्रेडिट स्कोर नहीं है।

फाइनेंशियल सेहत और चुनौती

लेंडिंग बिजनेस से कंपनी अपनी कमाई का जरिया बढ़ाना चाहती है, लेकिन यह राह आसान नहीं है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का नेट लॉस ₹2,792 करोड़ रहा है, जबकि ऑपरेटिंग रेवेन्यू ₹7,920 करोड़ दर्ज किया गया। लेंडिंग एक कैपिटल-इंटेंसिव बिजनेस है, जहां बैड लोन्स का रिस्क बना रहता है।

अनलिस्टेड मार्केट और रेगुलेटरी रिस्क

PhonePe अभी एक अनलिस्टेड कंपनी है। इसके शेयर्स की कीमत अनलिस्टेड मार्केट में लगभग ₹20,966 के आसपास चल रही है, जहां लिक्विडिटी और पारदर्शिता लिस्टेड कंपनियों के मुकाबले काफी कम है। साथ ही, RBI का डिजिटल लेंडिंग पर बढ़ता शिकंजा भी एक बड़ा फैक्टर है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। आने वाले समय में कंपनी का लोन पोर्टफोलियो और उसकी प्रॉफिटेबिलिटी ही यह तय करेगी कि यह दांव कितना सफल होता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.