PhonePe को UAE के सेंट्रल बैंक से रिटेल पेमेंट और कार्ड सर्विस शुरू करने के लिए 'इन-प्रिंसिपल' मंजूरी मिल गई है। घरेलू IPO में देरी के बीच कंपनी का यह कदम अपने कारोबार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने की रणनीति का हिस्सा है।
UAE में नए सफर की शुरुआत
भारत की प्रमुख डिजिटल पेमेंट कंपनी PhonePe ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बाजार में कदम रखने की दिशा में एक बड़ी बाधा पार कर ली है। कंपनी को वहां के सेंट्रल बैंक से 'इन-प्रिंसिपल' मंजूरी मिल गई है। यह एक शुरुआती कदम है, जिसके बाद कंपनी को कमर्शियल सर्विस शुरू करने से पहले वहां के कड़े रेगुलेटरी नियमों और ड्यू डिलिजेंस की प्रक्रिया को पूरा करना होगा। कंपनी ने संकेत दिए हैं कि वह स्थानीय बैंकों और पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के साथ मिलकर वहां अपनी पकड़ मजबूत करेगी।
IPO और कैपिटल मार्केट की रणनीति
दिलचस्प बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय विस्तार की यह खबर ऐसे समय में आई है, जब कंपनी अपने बहुप्रतीक्षित IPO को लेकर काफी सतर्क है। ग्लोबल मार्केट की अस्थिरता और जियो-पॉलिटिकल हालातों के कारण कंपनी ने अपने IPO को फिलहाल के लिए टाल दिया है।
कंपनी ने $9 बिलियन से $10.5 बिलियन के बीच का वैल्यूएशन टारगेट रखा है। फिलिंग्स के मुताबिक, पैरेंट कंपनी Walmart अपनी हिस्सेदारी में 12% की कटौती कर सकती है, वहीं Tiger Global और Microsoft जैसे बड़े निवेशक भी IPO के जरिए अपना दांव निकाल सकते हैं।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि PhonePe कितनी जल्दी अपनी औपचारिक लाइसेंस प्रक्रिया पूरी करती है। UAE के बाजार में मुकाबला स्थानीय खिलाड़ियों से होगा, इसलिए वहां की जटिल परिचालन स्थितियों को संभालना और पार्टनरशिप को सफल बनाना कंपनी के लिए एक बड़ी चुनौती साबित होगा। साथ ही, अब हर किसी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि घरेलू मोर्चे पर परफॉर्मेंस कैसी रहती है और कंपनी IPO के लिए नई टाइमलाइन कब घोषित करती है।
