PhonePe ने अपने ग्राहकों के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और डेली रिकरिंग डिपॉजिट (RD) की सेवाएं शुरू कर दी हैं। कंपनी बैंकों के साथ पार्टनरशिप करके ये प्रोडक्ट्स डिजिटल तरीके से उपलब्ध करा रही है। खास बात यह है कि अब आप हर दिन सिर्फ ₹100 से भी सेविंग शुरू कर सकते हैं, वो भी UPI Autopay की मदद से। यह कदम PhonePe के पेमेंट से आगे बढ़कर फाइनेंशियल सर्विसेज डिस्ट्रीब्यूशन में विस्तार करने की रणनीति का हिस्सा है।
PhonePe अब बनेगा आपकी बचत का साथी!
PhonePe भारतीय फाइनेंशियल सेक्टर में अपनी डिजिटल मौजूदगी को और मजबूत कर रहा है। अब कंपनी सीधे अपने ऐप पर फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और डेली रिकरिंग डिपॉजिट (RD) की सुविधा लेकर आई है। इस नई सुविधा से यूजर्स किसी भी ब्रांच में जाए बिना, अलग-अलग बैंकों और NBFCs के साथ आसानी से डिपॉजिट कर सकेंगे, उनकी तुलना कर सकेंगे और उन्हें बुक कर सकेंगे। इस डिजिटाइजेशन का मकसद लोगों के पारंपरिक बचत के तरीकों को आसान बनाना है।
खास है 'डेली RD' और बैंकों के साथ पार्टनरशिप
सबसे खास पेशकश 'डेली रिकरिंग डिपॉजिट' है, जिसे Shivalik Small Finance Bank के साथ मिलकर लॉन्च किया गया है। इस प्रोडक्ट को छोटी-छोटी रकम से बचत को बढ़ावा देने के लिए डिजाइन किया गया है, जहां आप रोजाना सिर्फ ₹100 से भी निवेश शुरू कर सकते हैं। यह फीचर UPI Autopay का इस्तेमाल करके ऑटोमैटिक पेमेंट की सुविधा देता है, जिससे मैन्युअल ट्रांसफर की झंझट खत्म हो जाती है। इस प्रोडक्ट में 15 दिन की ग्रेस पीरियड जैसी फ्लेक्सिबिलिटी भी है और सात दिन बाद पैसे निकालने का विकल्प भी।
फिक्स्ड डिपॉजिट के लिए, PhonePe एक डिजिटल डिस्ट्रीब्यूशन चैनल के तौर पर काम करेगा। यूजर्स पार्टनर बैंक चुन सकते हैं, इंटरेस्ट रेट और टेन्योर की जानकारी ले सकते हैं, और डिजिटल KYC पूरा कर सकते हैं। डिपॉजिट करने के बाद, पैसा पार्टनर बैंक के पास रहेगा, PhonePe के पास नहीं।
फाइनेंशियल सर्विसेज डिस्ट्रीब्यूशन की रणनीति
यह कदम भारतीय फिनटेक कंपनियों के उस बड़े ट्रेंड का हिस्सा है, जहां वे सिर्फ पेमेंट गेटवे से आगे बढ़कर फुल-सर्विस फाइनेंशियल प्लेटफॉर्म बन रही हैं। पेमेंट प्रोसेसिंग से आमतौर पर कम मार्जिन मिलता है, इसलिए फिनटेक कंपनियां अब म्यूचुअल फंड, इंश्योरेंस और डिपॉजिट जैसे हाई-मार्जिन फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स को डिस्ट्रीब्यूट करने पर फोकस कर रही हैं। एक डिस्ट्रीब्यूटर के तौर पर, PhonePe अपने ऐप के जरिए हर डिपॉजिट पर पार्टनर बैंकों और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस से कमीशन कमाएगा।
निवेशकों के लिए जरूरी बातें
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि PhonePe एक प्राइवेट कंपनी है और इसके शेयर NSE या BSE पर लिस्टेड नहीं हैं। ऐसे में, इस खबर का कोई सीधा शेयर प्राइस रिएक्शन नहीं होगा। कंपनी एक प्राइवेट एंटिटी के तौर पर काम करती रहेगी और इसका फाइनेंशियल परफॉर्मेंस, जिसमें प्रॉफिटेबिलिटी का रास्ता भी शामिल है, एक प्राइवेट मैटर बना रहेगा। हालांकि, कंपनी आक्रामक ग्रोथ और मार्केट शेयर बढ़ाने पर जोर दे रही है।
आगे चलकर, इस प्रोडक्ट की सफलता यूजर एडॉप्शन और कंपनी की भरोसे बनाए रखने की क्षमता पर निर्भर करेगी। सबसे महत्वपूर्ण यह देखना होगा कि PhonePe अपने करोड़ों पेमेंट यूजर्स को इन हाई-वैल्यू फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स के ग्राहकों में कितनी प्रभावी ढंग से बदल पाता है।
