15 सितंबर 2026 को सरकारी नोटिफिकेशन के बाद One97 Communications (Paytm) और MobiKwik के शेयरों में दबाव देखा गया। सरकार ने ₹2,000 तक के ट्रांजेक्शन को तो फ्री रखा है, लेकिन उससे ऊपर के लेनदेन पर फीस की अनिश्चितता ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
बाजार में मची हलचल
15 सितंबर 2026 को वित्त मंत्रालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन का असर बाजार पर साफ दिखा। One97 Communications का शेयर इंट्राडे ट्रेड में करीब 2.4% नीचे लुढ़क गया, वहीं MobiKwik के शेयरों में 1.5% की गिरावट दर्ज की गई। यह प्रतिक्रिया 'पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम एक्ट' के तहत जारी उस नए नियमों के बाद आई है, जिसमें डिजिटल पेमेंट पर चार्जेस को लेकर स्थिति स्पष्ट की गई है।
UPI फीस फ्रेमवर्क का असर
सरकार ने साफ कर दिया है कि ₹2,000 तक के UPI और RuPay डेबिट कार्ड ट्रांजेक्शन पूरी तरह से फ्री रहेंगे। यानी आम उपभोक्ताओं के लिए रोजमर्रा के खर्चों पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। लेकिन पेंच तब फंसा जब सरकार ने ₹2,000 से ज्यादा के ट्रांजेक्शन पर स्थिति स्पष्ट नहीं की। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भविष्य में मर्चेंट्स पर 'मर्चेंट डिस्काउंट रेट' (MDR) लागू होने की संभावना बन गई है, हालांकि इसकी दर और लागू होने की तारीख अभी रहस्य बनी हुई है।
निवेशकों की नजरें क्यों हैं अटकीं?
Paytm और MobiKwik जैसी फिनटेक कंपनियां अब तक 'जीरो-MDR' मॉडल पर काम करती आई हैं। कमाई के लिए ये कंपनियां सब्स्क्रिप्शन, डिवाइस रेंटल और लेंडिंग जैसे बिजनेस पर निर्भर हैं। अब अगर UPI पर फीस का नया स्ट्रक्चर आता है, तो यह एक नई रेवेन्यू स्ट्रीम तो बन सकता है, लेकिन साथ ही मर्चेंट्स के व्यवहार में बदलाव का जोखिम भी है।
फिलहाल, NPCI और संबंधित स्टीयरिंग कमेटी के अगले आदेश का इंतजार है। जब तक MDR की दरें और रेवेन्यू शेयरिंग का फार्मूला सामने नहीं आता, तब तक मार्केट में अनिश्चितता का माहौल बना रहेगा।
