पेटीएम की पैरेंट कंपनी One 97 Communications में एक बड़ी ब्लॉक डील हुई है, जिसमें ₹2,949 करोड़ के शेयर बेचे गए हैं। यह डील पेटीएम के फाउंडर विजय शेखर शर्मा से जुड़ी एक फर्म ने की है, लेकिन इसका फायदा Antfin को मिलेगा। इस खबर के बाद पेटीएम के शेयर **2.15%** गिर गए।
₹2,949 करोड़ की बड़ी ब्लॉक डील
18 अगस्त 2026 को, पेटीएम के फाउंडर विजय शेखर शर्मा से जुड़ी निवेश फर्म Resilient Asset Management B.V. ने One 97 Communications (पेटीएम की पैरेंट कंपनी) के 1.92 करोड़ शेयर बेच दिए। इस ब्लॉक डील का कुल मूल्य लगभग ₹2,949 करोड़ रहा, जिसमें प्रति शेयर भाव ₹1,535.10 था।
तो पैसा किसे मिला?
हालांकि, यह जानना अहम है कि शेयर बेचने वाली फर्म फाउंडर से जुड़ी है, लेकिन इस डील से होने वाला फायदा Antfin (Netherlands) Holding B.V. को मिलेगा। यह व्यवस्था 2023 के एक ऑप्शनली कन्वर्टिबल डिबेंचर (OCD) एग्रीमेंट के तहत हुई है। इसका मतलब यह नहीं है कि विजय शेखर शर्मा ने सीधे तौर पर अपनी हिस्सेदारी बेची है।
बड़े निवेशकों ने खरीदा स्टॉक
बाजार के बड़े संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) ने इन बेचे गए शेयरों को तुरंत खरीद लिया। इस डील में SBI Mutual Fund सबसे आगे रहा, जिसने ₹831 करोड़ के शेयर खरीदे। इनके अलावा, Societe Generale, Goldman Sachs Bank Europe, Tata AIA Life Insurance, Aditya Birla Sun Life Mutual Fund, और HDFC Mutual Fund जैसे बड़े निवेशकों ने भी हिस्सेदारी खरीदी। संस्थागत निवेशकों की यह सक्रियता फिनटेक कंपनी के स्टॉक में उनकी मजबूत रुचि को दर्शाती है।
स्टॉक पर क्या हुआ असर?
इस ब्लॉक डील की खबर आने के बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर पेटीएम का शेयर 2.15% गिरकर ₹1,546.30 पर बंद हुआ। हाल ही में पेटीएम का शेयर 56 महीने के उच्च स्तर पर पहुंचा था, ऐसे में यह गिरावट निवेशकों द्वारा कुछ मुनाफावसूली या पोजीशन एडजस्टमेंट का संकेत हो सकती है।
आगे क्या देखना होगा?
पेटीएम पर नजर रखने वाले निवेशकों को सेक्टर से जुड़े जोखिमों पर ध्यान देना चाहिए। कंपनी अभी भी रेगुलेटरी जांच का सामना कर रही है, जो स्टॉक की कीमतों को प्रभावित कर सकती है। फिनटेक सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा है, और कंपनी का रेवेन्यू ग्रोथ UPI ट्रांजेक्शन और सर्विस अपनाने पर निर्भर करता है। बड़े निवेशकों द्वारा बड़ी हिस्सेदारी बेचना स्टॉक में अल्पकालिक अस्थिरता पैदा कर सकता है।
आगे चलकर शेयरधारकों के लिए कंपनी के तिमाही नतीजों और रेगुलेटरी अनुपालन या बिजनेस मॉडल में किसी भी बदलाव की जानकारी अहम रहेगी।
