One 97 Communications, जिसे हम Paytm के नाम से जानते हैं, के शेयर आज **4 साल** के उच्चतम स्तर **₹1,437** पर पहुंच गए। कंपनी ने पहली तिमाही (Q1) में **79%** की छलांग लगाते हुए **₹220 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। साथ ही, कंपनी ने बोनस इश्यू को रद्द करने का फैसला किया है ताकि लॉन्ग-टर्म ग्रोथ पर ध्यान केंद्रित किया जा सके।
Paytm की पहली तिमाही की कमाई
पेटीएम (Paytm) की पेरेंट कंपनी One 97 Communications के शेयरों में आज गजब की तेजी देखने को मिली। स्टॉक ₹1,437 के इंट्रा-डे हाई पर पहुंच गया, जो पिछले 4 सालों का रिकॉर्ड है। यह शेयर अपने 52-हफ्ते के निचले स्तर ₹947.10 (मार्च 2026) से अब तक 52% चढ़ चुका है। बीएसई (BSE) पर शेयर 6% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था, जबकि सेंसेक्स (Sensex) में 0.83% की मामूली तेजी थी।
नतीजों में शानदार उछाल
कंपनी ने जून 2026 को समाप्त तिमाही के लिए ₹220 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही के ₹123 करोड़ की तुलना में 79% ज्यादा है। पिछली तिमाही (Q4FY26) के मुकाबले प्रॉफिट में 19.5% का इजाफा हुआ है। कंपनी के रेवेन्यू में भी 27.6% की जोरदार बढ़ोतरी हुई है और यह ₹2,448 करोड़ तक पहुंच गया है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Financial Services) के एनालिस्ट्स का कहना है कि ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) में मजबूती और पेमेंट मार्केट शेयर में बढ़त की वजह से रेवेन्यू ग्रोथ अच्छी रही है।
कैपिटल एलोकेशन में बड़े बदलाव
तिमाही नतीजों के अलावा, बोर्ड ने कैपिटल डिप्लॉयमेंट को लेकर भी अहम फैसले लिए हैं। कंपनी ने पहले विचाराधीन बोनस इश्यू को आगे न बढ़ाने का फैसला किया है। मैनेजमेंट का कहना है कि उनका ध्यान अब ग्रोथ को कंपाउंड करने और शेयरहोल्डर वैल्यू बढ़ाने के लिए सीधे निवेश पर रहेगा।
इसके अलावा, कंपनी अपने अनयूटिलाइज्ड इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) फंड्स के इस्तेमाल में बदलाव करने जा रही है। पेटीएम ₹1,686 करोड़ के बचे हुए आईपीओ फंड को कस्टमर और मर्चेंट एक्विजिशन, नए बिजनेस प्रोजेक्ट्स और स्ट्रेटेजिक एक्विजिशन में लगाएगी। इन निवेशों के लिए समय-सीमा बढ़ाकर 31 मार्च 2029 कर दी गई है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि कंपनी इन फंड्स का इस्तेमाल कर अपनी ग्रोथ स्ट्रेटेजी को कितनी प्रभावी ढंग से लागू करती है। मौजूदा नतीजों में प्रॉफिट मार्जिन में सुधार देखा गया है, लेकिन क्या यह ट्रेंड जारी रहेगा, यह देखना अहम होगा। रेवेन्यू ग्रोथ की तुलना में ऑपरेटिंग खर्चों पर भी नजर रखनी होगी। डिजिटल पेमेंट सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा है, जहां रेगुलेटरी बदलाव और ट्रांजैक्शन प्राइसिंग मॉडल में उतार-चढ़ाव आम बात है। निवेशकों को उम्मीद है कि कंपनी लाभप्रदता के लक्ष्य को साधने के साथ-साथ 2029 तक नए बिजनेस पहलों में निवेश करना जारी रखेगी।
