Paytm की प्रमोटर से जुड़ी एंटिटी Resilient Asset Management B.V. ब्लॉक डील के जरिए कंपनी में अपनी हिस्सेदारी का **4.98%** तक बेचने की तैयारी में है। इस डील का फ्लोर प्राइस **₹1,535.10** रखा गया है, जो कि पिछले कारोबारी दिन के क्लोजिंग प्राइस **₹1,580.20** से लगभग **2.9%** कम है।
Antfin के साथ क्या है कनेक्शन?
कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को दी जानकारी में बताया है कि यह हिस्सेदारी बिक्री एक मौजूदा समझौते का हिस्सा है। यह समझौता Antfin (Netherlands) Holding B.V. के साथ ऑप्शनली कनवर्टिबल डिबेंचर्स (OCDs) से जुड़ा है। कंपनी ने यह भी साफ किया है कि इस डील से होने वाली कमाई का आर्थिक हित Antfin को ही मिलेगा और यह प्रमोटर यानी फाउंडर की डायरेक्ट एग्जिट नहीं है।
Paytm के नतीजे रहे दमदार
यह ब्लॉक डील ऐसे समय में आ रही है जब Paytm ने जून तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट 79% बढ़कर ₹220 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹123 करोड़ था। वहीं, रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस 28% बढ़कर ₹2,448 करोड़ पर पहुंच गया।
पेमेंट बिजनेस की जोरदार परफॉरमेंस
कंपनी के कोर पेमेंट बिजनेस ने इस ग्रोथ में बड़ा योगदान दिया है। मर्चेंट GMV (ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू) में 31% की बढ़ोतरी देखी गई और यह ₹7.1 लाख करोड़ तक पहुंच गया। वहीं, Paytm Soundbox का नेटवर्क अब 1.57 करोड़ से ज्यादा स्टोरफ्रंट्स तक फैल गया है।
निवेशकों के लिए क्या है अहम?
हालांकि, नतीजों से कंपनी की मजबूत ऑपरेशनल परफॉरमेंस दिख रही है, लेकिन निवेशकों को डिजिटल पेमेंट सेक्टर से जुड़े रेगुलेटरी रिस्क पर भी नजर रखनी चाहिए। RBI के नियमों में बदलाव और डिजिटल फाइनेंस से जुड़े नियमों का असर Paytm के बिजनेस मॉडल पर पहले भी देखा गया है। ऐसे में, कंपनी के लिए यह महत्वपूर्ण होगा कि वह बदलते नियमों का पालन करते हुए अपनी ग्रोथ बनाए रखे। वहीं, बड़ी ब्लॉक डील्स से शेयर में शॉर्ट-टर्म वोलेटिलिटी (अस्थिरता) आ सकती है, क्योंकि बड़े निवेशक अपने पोर्टफोलियो को एडजस्ट करते हैं।
