Paytm Share Price: शानदार मुनाफे के बावजूद शेयर में गिरावट, कंपनी ने फिर मांगी वॉलेट लाइसेंस

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Paytm Share Price: शानदार मुनाफे के बावजूद शेयर में गिरावट, कंपनी ने फिर मांगी वॉलेट लाइसेंस

One97 Communications ने जून तिमाही में **79%** का तगड़ा मुनाफा कमाया है। रेवेन्यू में भी **28%** की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, कंपनी के शेयर में **1%** की मामूली गिरावट देखी गई, क्योंकि निवेशक नए डिजिटल वॉलेट लाइसेंस के लिए RBI में कंपनी की अर्जी पर नजरें टिकाए हुए हैं।

Detailed Coverage

Paytm की जून तिमाही के नतीजे

पेटीएम की पैरेंट कंपनी One97 Communications Ltd ने मंगलवार को जून तिमाही के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 79% बढ़कर ₹220 करोड़ हो गया। वहीं, ऑपरेशंस से होने वाली आय (Revenue) में 28% की मजबूत ग्रोथ दर्ज की गई, जो ₹2,448 करोड़ पर पहुंच गई। इन शानदार नतीजों के बावजूद, शुरुआती ट्रेडिंग सेशन में शेयर में करीब 1% की मामूली गिरावट आई।

ऑपरेशनल परफॉर्मेंस में उछाल

इस तिमाही में कंपनी के ऑपरेशनल मेट्रिक्स में लगातार सुधार देखने को मिला। मर्चेंट ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (Merchant Gross Merchandise Value), जो प्लेटफॉर्म के जरिए प्रोसेस किए गए पेमेंट्स के कुल मूल्य को ट्रैक करता है, 31% बढ़कर ₹7.1 लाख करोड़ हो गया। वहीं, कस्टमर यूपीआई ट्रांजैक्शन (Customer UPI transactions) 45% बढ़कर ₹5.9 लाख करोड़ दर्ज किए गए। कंपनी ने अपनी पहुंच का विस्तार करते हुए 8 करोड़ मंथली ट्रांजैक्टिंग यूजर्स तक पहुंच बनाई और अपने पेमेंट डिवाइस नेटवर्क को 1.57 करोड़ मर्चेंट्स तक बढ़ाया।

लाइसेंस एप्लीकेशन और भविष्य की रणनीति

कंपनी की भविष्य की रणनीति का एक अहम हिस्सा उसके डिजिटल वॉलेट बिजनेस को फिर से शुरू करने की संभावना है। पेटीएम की सब्सिडियरी, पेटीएम पेमेंट्स सर्विसेज लिमिटेड (Paytm Payments Services Ltd) ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पास प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट (PPI) लाइसेंस के लिए आवेदन किया है। यदि यह मंजूर हो जाता है, तो पेटीएम पार्टनर बैंकों पर निर्भर रहने के बजाय अपनी सब्सिडियरी के जरिए सीधे वॉलेट सेवाएं दे सकेगा। यह कदम पहले रद्द हुए पेमेंट बैंक लाइसेंस के बाद उठाया गया है, जिसका असर कंपनी के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम पर पड़ा था।

फाइनेंशियल अपडेट्स और एनालिस्ट्स की राय

कंपनी के प्रदर्शन पर मार्केट एनालिस्ट्स की राय मिली-जुली है। ब्रोकरेज फर्म सिटी (Citi) ने सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखा है, उनका मानना है कि क्लाउड लागतों के बेहतर प्रबंधन और मर्चेंट लोन वितरण में वृद्धि के कारण EBITDA ₹200 करोड़ के अनुमान से बेहतर रहा। हालांकि, सिटी ने यह भी बताया कि डिवाइस रेंटल से जुड़ी उच्च लागतों के कारण पेमेंट मार्जिन पर दबाव पड़ रहा है। वहीं, सीएलएसए (CLSA) ने 'अंडरपरफॉर्म' रेटिंग बनाए रखी है, उनका सुझाव है कि हालिया मूल्य चालें कंपनी की रिकवरी के आसपास की अधिकांश आशावाद को पहले ही दर्शाती हैं।

निवेशकों के लिए, सबसे महत्वपूर्ण बात आरबीआई के साथ पीपीआई लाइसेंस आवेदन की प्रगति होगी। साथ ही, कंपनी की मर्चेंट लोन वितरण और पेमेंट डिवाइस नेटवर्क को बढ़ाने के साथ-साथ अपने पेमेंट मार्जिन को प्रबंधित करने की क्षमता भी इसके दीर्घकालिक वित्तीय स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण बनी रहेगी। निवेशक रेगुलेटरी टाइमलाइन और वॉलेट सेवाओं के फिर से शुरू होने की अपेक्षित समय-सीमा पर मैनेजमेंट की टिप्पणी पर नजर रख सकते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.