सितंबर **2026** तिमाही में One 97 Communications (Paytm) में घरेलू हिस्सेदारी बढ़कर **56%** हो गई है। म्यूचुअल फंड और बीमा कंपनियों की भारी खरीदारी के बीच विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी घटकर **18.4%** रह गई है।
सितंबर 2026 में खत्म हुई तिमाही के दौरान Paytm के शेयरहोल्डिंग पैटर्न में बड़ा बदलाव देखा गया है। अब कंपनी में घरेलू निवेशकों की हिस्सेदारी 56% तक पहुंच गई है। यह बदलाव तब आया है जब विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी पिछले तिमाही के 23.8% से घटकर 18.4% पर आ गई, जिसका मुख्य कारण Elevation Capital और Resilient Asset Management BV द्वारा किए गए बड़े ब्लॉक ट्रेड्स थे।
घरेलू संस्थानों का बढ़ा दबदबा
सितंबर तिमाही में घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की ओनरशिप रिकॉर्ड 29.5% पर पहुंच गई है, जो तीन महीने पहले 24.9% थी। इसमें म्यूचुअल फंड्स ने सबसे अहम भूमिका निभाई है, जिनका कुल होल्डिंग बढ़कर 21.2% हो गया है। Kotak Mutual Fund, SBI Mutual Fund, Axis Mutual Fund और Sundaram Mutual Fund जैसे बड़े नामों ने या तो पहली बार 1% से ज्यादा हिस्सेदारी ली है या अपनी पुरानी पोजीशन को बढ़ाया है। वहीं, बीमा कंपनियों की हिस्सेदारी बढ़कर 6.2% हो गई है।
रेगुलेटरी चिंताओं से शेयर पर दबाव
संस्थागत भरोसा बढ़ने के बावजूद, शेयर पर रेगुलेटरी नियमों की मार पड़ रही है। अक्टूबर 2026 की शुरुआत में UPI Merchant Discount Rate (MDR) फ्रेमवर्क को अक्टूबर से जनवरी 2027 तक टालने की खबरों के बाद शेयर में 10% तक की गिरावट देखी गई। MDR फ्रेमवर्क डिजिटल पेमेंट कंपनियों के लिए रिवेन्यू का एक बड़ा जरिया माना जाता है, इसलिए इसकी देरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
अब आगे क्या?
निवेशकों के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण रेगुलेटरी अपडेट्स पर नजर रखना होगा। MDR लागू होने की समयसीमा पर स्पष्टता मिलने से ही कंपनी के रिवेन्यू आउटलुक पर असर पड़ेगा। फिलहाल, बाजार की नजर इस पर है कि कंपनी अपने ऑपरेटिंग खर्चों को कैसे मैनेज करती है और फिनटेक के प्रतिस्पर्धी माहौल में अपने पेमेंट बिजनेस को कैसे आगे बढ़ाती है।
