सेल्स बढ़ी, पर मुनाफे की रफ़्तार धीमी क्यों?
Paisalo Digital ने इस फाइनेंशियल ईयर की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में ₹243.55 करोड़ की नेट सेल्स दर्ज की, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 34% अधिक है। यह टॉप-लाइन ग्रोथ अच्छी है, लेकिन बॉटम-लाइन यानी नेट प्रॉफिट में यह तेज़ी नहीं दिखी। कंपनी का नेट प्रॉफिट 6% बढ़कर ₹66.26 करोड़ रहा। यह बड़ा अंतर बताता है कि बढ़ती हुई सेल्स को मुनाफे में बदलने में कंपनी को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, शायद ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ने या मार्जिन पर दबाव के कारण।
पिछले नौ महीनों (9MFY26) की बात करें तो नेट सेल्स 27% बढ़कर ₹652.15 करोड़ हुई, जबकि नेट प्रॉफिट 7% बढ़कर ₹164.98 करोड़ दर्ज किया गया। यह ट्रेंड यह दिखाता है कि कंपनी की ग्रोथ स्ट्रैटेजी में सेल्स बढ़ाने पर ज़ोर है, लेकिन प्रॉफिट मार्जिन को उसी तेज़ी से बढ़ाना एक चुनौती बना हुआ है।
बैलेंस शीट को मज़बूत करने और विस्तार की तैयारी
कंपनी ने अपनी फाइनेंसियल पोजीशन को और मज़बूत करने के लिए ₹6 करोड़ के अनलिस्टेड, अनसिक्योर्ड नॉन-कनवर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) को 31 जनवरी, 2026 तक पूरी तरह भुना लिया है। इसके अलावा, कंपनी ने हाल ही में 8.5% की ब्याज दर पर ₹188.5 करोड़ का कैपिटल रेज भी किया है, जिसका मकसद फंड की लागत को कम करना है। इन कदमों से कंपनी अपने 'हाई-टेक-हाई-टच' मॉडल के तहत अपने 4,380 टचपॉइंट्स के नेटवर्क का विस्तार कर पाएगी, ताकि छोटे उद्यमियों और MSMEs की मदद की जा सके।
शेयर बाज़ार में भी कंपनी के स्टॉक ने अच्छी रिकवरी दिखाई है। यह अपने 52-हफ्ते के निचले स्तर ₹29.40 से 24% चढ़कर फरवरी 2026 की शुरुआत में करीब ₹35.4 पर कारोबार कर रहा है। प्रमोटर्स ने भी कंपनी में भरोसा दिखाते हुए दिसंबर 2025 में खरीदारी कर अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 41.75% कर ली है।
वैल्यूएशन और आगे की राह
Paisalo Digital, NBFC सेक्टर में काम करती है, जो आजकल रेगुलेटरी जांच के दायरे में है। RBI लगातार पारदर्शिता, रिस्क मैनेजमेंट और को-लेंडिंग पर कड़े नियम लागू कर रहा है। Paisalo के को-लेंडिंग मॉडल पर निर्भर होने के कारण उसे इन बदलते नियमों के साथ तालमेल बिठाना होगा।
लगभग ₹3,200 करोड़ के मार्केट कैप वाली Paisalo Digital का P/E रेश्यो करीब 15.96 है। यह वैल्यूएशन कुछ साथियों जैसे MAS Financial Services (P/E ~16.11) और Northern Arc Capital (P/E ~13.2) के मुकाबले आकर्षक है, लेकिन CreditAccess Grameen (P/E ~42.8) से काफी कम है। यह कम वैल्यूएशन शायद प्रॉफिट ग्रोथ की धीमी गति को दर्शाता है। एनालिस्ट्स का नज़रिया अभी सावधानी भरा है, एक टारगेट प्राइस INR 75.00 सुझा रहा है, जबकि MarketsMOJO ने हाल ही में अपनी रेटिंग 'Hold' पर अपग्रेड की है। कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) करीब 12-13.9% है, जो कुछ प्रतिस्पर्धियों की तुलना में सुधार की गुंजाइश दिखाता है।