PSU Banks में भारी गिरावट! सरकारी पैनल और बजट का 'डबल अटैक', शेयर **8%** तक टूटे

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AuthorMehul Desai|Published at:
PSU Banks में भारी गिरावट! सरकारी पैनल और बजट का 'डबल अटैक', शेयर **8%** तक टूटे
Overview

सरकारी बैंकों (PSU Banks) के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली है। **2 फरवरी 2026** को Nifty PSU Bank इंडेक्स **2.4%** लुढ़का, जबकि पिछले दो दिनों में यह कुल **8%** तक गिर चुका है। यह गिरावट निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली (Profit Booking) के बाद आई है। Indian Bank, Bank of Baroda और State Bank of India जैसे बड़े PSU Banks में भी अच्छी-खासी गिरावट दर्ज की गई।

सरकार के बैंकिंग सेक्टर में बड़े सुधारों के प्लान और बजट में हुए कुछ ऐलानो के चलते PSU Banks के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली है। 2 फरवरी 2026 को Nifty PSU Bank इंडेक्स 2.4% लुढ़का, वहीं पिछले दो दिनों में यह कुल 8% तक गिर चुका है।

यह करेक्शन ऐसे समय में आया है जब सरकारी बैंकों ने पिछले पांच महीनों में 21% का शानदार रिटर्न दिया था, जबकि Nifty 50 इंडेक्स में सिर्फ 1% की बढ़त देखी गई थी। फिलहाल यह गिरावट निवेशकों की ओर से प्रॉफिट-बुकिंग का नतीजा मानी जा रही है।

बैंकिंग सेक्टर में होंगे बड़े बदलाव

बाजार की इस गिरावट की एक बड़ी वजह सरकार का वह कदम है जिसके तहत 'विकसित भारत' इनिशिएटिव के तहत बैंकिंग सेक्टर के लिए एक हाई-लेवल कमेटी (High-Level Committee) का गठन किया गया है। इस कमेटी का मुख्य काम सेक्टर की मौजूदा संरचना (Structure) की समीक्षा करना, छोटे PSU Banks के कंसॉलिडेशन (Consolidation) यानी विलय के मौकों को तलाशना, बैंकों के मालिकाना हक (Ownership) की व्यवस्थाओं को देखना और फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) के नियमों में बदलाव पर विचार करना है। इसका लक्ष्य भविष्य की जरूरतों को देखते हुए सेक्टर को तैयार करना और कम, लेकिन बड़ी और मजबूत बैलेंस शीट वाली बैंकों का निर्माण करना है।

विनिवेश का बड़ा लक्ष्य और बजट का असर

इसके अलावा, सरकार ने फाइनेंशियल ईयर 2027 (FY27) के लिए ₹80,000 करोड़ का विनिवेश (Disinvestment) और एसेट मॉनेटाइजेशन (Asset Monetisation) का आक्रामक लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य पिछले फाइनेंशियल ईयर के रिवाइज्ड एस्टीमेट से 135% ज्यादा है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए IDBI Bank और LIC जैसे संस्थानों के साथ-साथ चुनिंदा PSU Banks में सरकारी हिस्सेदारी बेचने की उम्मीद है। साथ ही, बजट में सरकार द्वारा बढ़ाए गए उधार लेने के प्रोग्राम (Borrowing Program) का भी PSU Banks के बॉन्ड पोर्टफोलियो पर यील्ड प्रेशर (Yield Pressure) के रूप में असर देखा गया है।

प्रमुख बैंकों पर कैसा रहा असर?

इस करेक्शन का असर बड़े PSU Banks पर साफ दिख रहा है। Indian Bank के शेयर 2 फरवरी को 4% गिरे, और पिछले दो दिनों में यह 11% तक टूट चुके हैं। 30 जनवरी 2026 को इस बैंक ने ₹923 का अपना रिकॉर्ड हाई छुआ था। इसी तरह, Bank of Baroda के शेयर 3% फिसले और दो दिनों में 10% की गिरावट के साथ ₹270.50 के स्तर पर कारोबार कर रहे हैं। State Bank of India का स्टॉक भी 3% नीचे आया और दो दिनों में 8% गिर गया, जबकि 1 फरवरी 2026 को इसने ₹1,083.60 का ऑल-टाइम हाई बनाया था।

आगे का रास्ता

यूनियन बजट में डेरिवेटिव्स पर सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) में बढ़ोतरी जैसे ऐलानो ने भी बाजार के सेंटीमेंट को थोड़ा कमजोर किया है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि लंबी अवधि में सरकार द्वारा प्रस्तावित बैंकिंग सुधारों से इस सेक्टर में एफिशिएंसी (Efficiency) बढ़ेगी और बैलेंस शीट मजबूत होगी। ICICI Securities के एनालिस्ट्स का कहना है कि इस प्रस्तावित समीक्षा से कैपिटल डिप्लॉयमेंट (Capital Deployment) और रिस्क ओवरसाइट (Risk Oversight) जैसी प्रक्रियाओं में सुधार की उम्मीद है।

State Bank of India का मार्केट कैप फरवरी 2026 की शुरुआत में करीब ₹9.39 ट्रिलियन था, जिसका P/E Ratio लगभग 11.2 था। Bank of Baroda का मार्केट कैप करीब ₹1.42 ट्रिलियन और P/E लगभग 7.59 था। वहीं, Indian Bank का मार्केट कैप लगभग ₹1.13 ट्रिलियन और P/E करीब 9.48 दर्ज किया गया।

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