बढ़ती महंगाई और RBI द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की चर्चा से PSU बैंकों के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई। निवेशकों की घबराहट के चलते बैंकिंग इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए।
सोमवार, 28 सितंबर 2026 को बाजार में चौतरफा कमजोरी देखने को मिली। Nifty PSU Bank इंडेक्स 2.25% गिरकर 8,108 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि बेंचमार्क Nifty 50 इंडेक्स भी 1.34% फिसलकर 22,833 पर बंद हुआ। इस बिकवाली की मुख्य वजह अक्टूबर में होने वाली RBI की पॉलिसी मीटिंग है, जिसमें ब्याज दरें बढ़ने का अंदेशा बना हुआ है।
महंगाई और बॉन्ड यील्ड का दबाव
क्रूड ऑयल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार जाने से अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा है। इसका सीधा असर 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड पर पड़ा है, जो 7.12% के स्तर पर पहुंच गई—यह मई 2026 के बाद का उच्चतम स्तर है। जब बॉन्ड यील्ड बढ़ती है, तो बैंकों के पास मौजूद फिक्स्ड-इनकम सिक्योरिटीज की वैल्यू कम हो जाती है, जिससे उनके पोर्टफोलियो पर असर पड़ता है। साथ ही, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का 5.21% के करीब होना और कम बारिश के कारण बढ़ती फूड इन्फ्लेशन ने भी चिंता बढ़ा दी है।
शेयरों का हाल
PSU बैंकिंग स्पेस में Bank of India और Bank of Maharashtra के शेयर 4% तक टूटे। वहीं, Union Bank of India, Canara Bank, Punjab National Bank और Bank of Baroda में 2% से 3% तक की गिरावट दर्ज की गई। सितंबर महीने की बात करें तो कुछ बड़े बैंकों की मार्केट कैप में 7% से 10% तक की कमी आई है।
बैंक हड़ताल पर अपडेट
इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (Indian Banks Association) और कर्मचारी यूनियनों के बीच बातचीत के बाद प्रस्तावित तीन-दिवसीय हड़ताल टाल दी गई है। हालांकि, डिजिटल बैंकिंग के दौर में हड़ताल का असर सीमित माना जा रहा है, इसलिए बाजार ने इस खबर पर कोई खास उत्साह नहीं दिखाया। अब निवेशकों की नजरें RBI के अगले फैसलों और महंगाई पर आने वाले डेटा पर टिकी हैं।
