पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के शेयरों में आज **4%** की शानदार तेजी देखने को मिली। यह उछाल बैंक के जून तिमाही के नतीजों के बाद आया, जिसमें कंपनी ने पिछले साल के मुकाबले अपने नेट प्रॉफिट में **213.6%** की भारी बढ़ोतरी दर्ज की है। हालांकि, सरकारी बैंक में जहां खरीदारी दिखी, वहीं HDFC, Kotak और Axis जैसे बड़े प्राइवेट बैंकों पर बिकवाली का दबाव रहा।
PNB की धमाकेदार नतीजे
पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के निवेशकों के लिए आज का दिन खास रहा। बैंक के पहली तिमाही (2027 फाइनेंशियल ईयर) के नतीजे काफी दमदार रहे। PNB ने ₹5,253.3 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 213.6% ज्यादा है। हालांकि, बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में 2.1% की मामूली बढ़ोतरी के साथ यह ₹10,798.4 करोड़ रही।
प्राइवेट बैंकों पर दबाव क्यों?
इसके विपरीत, बैंकिंग सेक्टर में एक मिली-जुली तस्वीर दिखी। कई बड़े प्राइवेट बैंकों के शेयर मुनाफा बढ़ने के बावजूद गिरे। Axis Bank के शेयर 5% लुढ़क गए, जबकि उसका नेट प्रॉफिट 22.5% बढ़कर ₹7,113.9 करोड़ हुआ और NII 8% बढ़कर ₹14,646.1 करोड़ रही। Kotak Mahindra Bank के शेयर 3% गिरे, भले ही तिमाही मुनाफा 25.6% बढ़कर ₹4,123 करोड़ हो गया। HDFC Bank के शेयरों में भी 4% की गिरावट आई, क्योंकि 5% की प्रॉफिट ग्रोथ मार्केट की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सकी।
मार्जिन की चिंता?
PNB और प्राइवेट बैंकों के शेयरों में दिखे इस अंतर से साफ है कि निवेशक प्रॉफिट मार्जिन की स्थिरता पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। सरकारी बैंक फिलहाल बेहतर एसेट क्वालिटी और पिछली देनदारियों के लिए कम प्रोविजनिंग की वजह से फायदे में हैं। वहीं, प्राइवेट बैंक जमा लागत में बढ़ोतरी और सेक्टर-व्यापी मार्जिन दबाव के चलते भविष्य की कमाई को लेकर सवालों के घेरे में हैं।
VA Tech WABAG को मिले नए प्रोजेक्ट
बैंकिंग सेक्टर के अलावा, VA Tech WABAG के शेयर 4% से ज्यादा उछले। कंपनी ने पुष्टि की है कि उसे बेंगलुरु जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड (BWSSB) से कई कॉन्ट्रैक्ट मिले हैं। इन प्रोजेक्ट्स में सीवेज और टर्शियरी ट्रीटमेंट प्लांट का डिजाइन, निर्माण और संचालन शामिल है। निवेशकों के लिए, कंपनी की इन प्रोजेक्ट्स को समय पर और बिना किसी बड़े लागत के अतिरिक्त बोझ के पूरा करने की क्षमता पर नजर रहेगी।
आगे क्या?
बाजार की नजरें अब PNB पर होंगी कि क्या वह आने वाली तिमाहियों में अपनी कमाई की गति बनाए रख पाता है, खासकर नेट इंटरेस्ट इनकम बढ़ाने के मामले में। वहीं, प्राइवेट बैंकों के लिए मैनेजमेंट की ओर से इंटरेस्ट मार्जिन और जमा दरों को लेकर आने वाली टिप्पणियां महत्वपूर्ण होंगी, क्योंकि प्रतिस्पर्धा अभी भी मार्जिन पर दबाव बना रही है।
