PNB Housing Finance के शेयर आज 7% से ज्यादा चढ़ गए, वजह कंपनी के मजबूत तिमाही नतीजे रहे। Q4 FY26 में कंपनी ने ₹656 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 19% ज्यादा है। इसके पीछे रिटेल लोन बुक का बढ़ना और कॉर्पोरेट लेंडिंग का फिर से शुरू होना मुख्य कारण रहे। कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 11% बढ़कर ₹813 करोड़ पर पहुंच गई।
कंपनी का असेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 13% बढ़कर ₹90,921 करोड़ हो गया, जिसमें रिटेल लोन का हिस्सा ₹86,946 करोड़ रहा, जो 16% की वृद्धि दर्शाता है। सबसे खास बात यह है कि PNB Housing Finance ने चार साल के लंबे ब्रेक के बाद बिल्डरों को ₹335 करोड़ का कॉर्पोरेट लोन भी बांटा है। इन नतीजों ने BSE Sensex के 0.45% के मामूली उछाल को भी पीछे छोड़ दिया।
हालांकि, मुनाफे के इन चमकदार आंकड़ों के पीछे कुछ चिंताएं भी छिपी हैं। कंपनी का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) थोड़ा कम होकर 3.69% रह गया, जो पिछले साल 3.75% था। इसके अलावा, ऑपरेटिंग कॉस्ट में 10.5% की बढ़ोतरी हुई, जिसका असर मुनाफे पर पड़ा।
वैल्यूएशन की बात करें तो PNB Housing Finance का P/E रेश्यो 10.72 के आसपास है, जो Bajaj Housing Finance (30.92) और Aadhar Housing Finance (19.97) जैसे साथियों से काफी कम है, हालांकि LIC Housing Finance (5.44) से थोड़ा ज्यादा है। इससे यह संकेत मिलता है कि निवेशक भविष्य में मार्जिन पर दबाव या ग्रोथ की चुनौतियों की उम्मीद कर सकते हैं।
नई RBI रेगुलेशंस जो नवंबर 2025 से लागू होंगी, वो भी HFCs के लिए थोड़ी चिंता का सबब बन सकती हैं। अच्छी बात यह है कि कंपनी के ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) सुधरकर 0.93% हो गए हैं, जो पिछले साल 1.08% थे।
विश्लेषकों की राय मिली-जुली है। JPMorgan ने 'Overweight' रेटिंग के साथ ₹1,000 का टारगेट दिया है, वहीं Motilal Oswal ने बढ़ी हुई ऑपरेटिंग कॉस्ट और कम फी इनकम पर ध्यान दिलाया है। कुल मिलाकर 12 में से 10 एनालिस्ट 'Buy' की सलाह दे रहे हैं, जिनका औसत टारगेट ₹1,044.67 है।
आगे चलकर, PNB Housing Finance ने FY26 के लिए रिटेल लोन में 17%-18% की ग्रोथ का अनुमान लगाया है। कंपनी ₹8 प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड देने का भी प्रस्ताव रखा है।
