PNB Housing Finance का सितंबर तिमाही का नेट प्रॉफिट **6%** बढ़कर **₹617 करोड़** रहा है। हालांकि, बढ़ती लागत से निपटने के लिए कंपनी ने **1 नवंबर** से रिटेल और कॉर्पोरेट लोन की ब्याज दरें **20 बेसिस पॉइंट्स** तक बढ़ाने का फैसला किया है।
शानदार नतीजे और बिजनेस ग्रोथ
कंपनी के प्रदर्शन की बात करें तो नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में 15% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो ₹878 करोड़ पर पहुंच गई है। इसके अलावा, कंपनी की फीस और कमीशन इनकम में 36.7% का जबरदस्त उछाल आया है, जो ₹130 करोड़ रही। कंपनी का कुल लोन बुक भी 19% बढ़कर ₹95,079 करोड़ के स्तर को छू गया है।
मार्जिन और एसेट क्वालिटी
ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार के चलते कंपनी का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पिछली तिमाही के मुकाबले 17 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 3.67% हो गया है। एसेट क्वालिटी पर नजर डालें तो ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) पिछले साल के 1.04% से घटकर 0.91% पर आ गए हैं, जो एक सकारात्मक संकेत है।
ब्याज दरों में बढ़ोतरी का ऐलान
बढ़ती कॉस्ट ऑफ फंड्स को देखते हुए PNB Housing Finance ने मार्जिन को सुरक्षित रखने की रणनीति अपनाई है। 1 नवंबर से रिटेल लोन दरों में 10 से 15 बेसिस पॉइंट्स और कॉर्पोरेट लोन पर 15 से 20 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी की जाएगी।
पोर्टफोलियो में बड़ा बदलाव
कंपनी के बिजनेस मिक्स में एक बड़ा बदलाव दिख रहा है। रिटेल एडवांसेज में होम लोन की हिस्सेदारी पिछले साल के 73% से घटकर अब 65.1% रह गई है। यह बताता है कि कंपनी अब अन्य रिटेल क्रेडिट सेगमेंट की ओर अपना दायरा बढ़ा रही है। निवेशकों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बढ़ती दरों का असर कंपनी की लोन ग्रोथ पर कितना पड़ता है।
