Reserve Bank of India द्वारा रेपो रेट में **25 बेसिस पॉइंट** की बढ़ोतरी के बाद PNB Housing Finance ने अपने रेपो-लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) को बढ़ाकर **8.35%** कर दिया है, जो **8 अक्टूबर 2026** से लागू होगा।
RBI के 7 अक्टूबर 2026 को रेपो रेट को बढ़ाकर 5.50% करने के बाद, PNB Housing Finance ने अपने लेंडिंग रेट्स में बदलाव किया है। इस फैसले का सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा जिन्होंने फ्लोटिंग रेट पर होम लोन ले रखा है।\n\nमैनेजमेंट का कहना है कि अफोर्डेबल हाउसिंग सेगमेंट में मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है। कंपनी का फोकस मुख्य रूप से ₹16 से ₹18 लाख के औसत टिकट साइज वाले लोन पर है, जिसके चलते EMI पर पड़ने वाला अतिरिक्त बोझ बहुत ज्यादा नहीं है और ग्राहक इसे आसानी से मैनेज कर सकते हैं। कंपनी को उम्मीद है कि फेस्टिव सीजन में ग्राहकों की इनकम बढ़ने से लोन की डिमांड में रफ्तार बनी रहेगी।\n\nफाइनेंशियल फ्रंट पर देखें तो PNB Housing Finance के पास मजबूत आधार है। Q1 FY27 में कंपनी का कैपिटल रिस्क एडिक्वेसी रेशियो (CRAR) 28.26% रहा, जो इसे वित्तीय उतार-चढ़ाव से निपटने में मदद करता है। इसके अलावा, कंपनी की एसेट क्वालिटी भी स्थिर है, जिसमें ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (GNPA) रेशियो 0.95% दर्ज किया गया था।\n\nहालांकि, इन सबके बावजूद निवेशकों की नजर कंपनी के नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर टिकी है। होम फाइनेंस के प्रतिस्पर्धी बाजार में बढ़ती ब्याज दरों का बोझ पूरी तरह से ग्राहकों पर डालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। अगर भविष्य में ब्याज दरें और बढ़ती हैं, तो यह कंपनी की एसेट क्वालिटी के लिए एक बड़ा इम्तिहान होगा। अब देखने वाली बात यह है कि कंपनी अपनी ग्रोथ और मुनाफे के बीच संतुलन कैसे बनाए रखती है।
