Punjab National Bank (PNB) पहली बार इंटरनेशनल मार्केट में अपने डॉलर बॉन्ड पेश करने जा रहा है। बैंक GIFT City यूनिट के जरिए **$500 मिलियन** से **$1 बिलियन** तक जुटाने की योजना बना रहा है, जिसका उद्देश्य RBI की स्वैप विंडो का लाभ उठाकर फंडिंग कॉस्ट को कम करना है।
फंडिंग की रणनीति
PNB ने अपने GIFT City स्थित IFSC बैंकिंग यूनिट के जरिए इंटरनेशनल मार्केट से फंड जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बैंक ने जुलाई 2026 में ही $1.5 बिलियन के मीडियम-टर्म नोट प्रोग्राम को मंजूरी दे दी थी, जिसके तहत यह पहली बड़ी पेशकश है।
क्यों खास है यह कदम?
इस इश्यू के पीछे मुख्य कारण Reserve Bank of India (RBI) की डिस्काउंटेड स्वैप विंडो है। यह स्कीम बैंकों को करेंसी हेजिंग कॉस्ट घटाने में मदद करती है, जिससे फॉरेन करेंसी में उधार लेना सस्ता हो जाता है। यह विंडो दिसंबर 2026 में खत्म हो रही है, इसलिए PNB भी State Bank of India और Bank of Baroda की तर्ज पर इस मौके का पूरा फायदा उठाना चाहता है।
बैंक की मौजूदा स्थिति
जून 2026 तिमाही में PNB का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है। बैंक ने ₹5,253.29 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 213.6% ज्यादा है। एसेट क्वालिटी की बात करें तो ग्रॉस NPA 2.78% और नेट NPA 0.28% पर आ गया है।
क्रेडिट रेटिंग और चुनौतियां
ग्लोबल रेटिंग एजेंसियों ने बैंक को Baa3 (Moody’s) और BBB- (Fitch) की इन्वेस्टमेंट-ग्रेड रेटिंग दी है। हालांकि, ग्लोबल मार्केट में US ट्रेजरी यील्ड की अस्थिरता और करेंसी रिस्क ऐसे फैक्टर्स हैं, जिन पर निवेशकों को कड़ी नजर रखनी होगी।
