डिजिटल दौर में क्यों खोल रहा PNB नई ब्रांचेज़?
जहां एक ओर भारत डिजिटल क्रांति की ओर तेजी से बढ़ रहा है और ज़्यादातर बैंकिंग लेनदेन ऑनलाइन हो रहे हैं, वहीं Punjab National Bank (PNB) एक बिल्कुल विपरीत कदम उठा रहा है। बैंक इस फाइनेंशियल ईयर में 250 नई शाखाएं खोलने की तैयारी में है। यह 'फिज़िटल' (Phygital) स्ट्रैटेजी अपनाई जा रही है, जिसका मतलब है फिजिकल टचपॉइंट्स और डिजिटल सेवाओं का मिश्रण। खास तौर पर दक्षिण और पश्चिम भारत में ग्राहक आधार बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।
डिजिटल पर PNB का फोकस
बैंक के अपने आंकड़े बताते हैं कि 95% से अधिक बैंकिंग ट्रांज़ैक्शन्स डिजिटल ही होते हैं। PNB के PNB One मोबाइल ऐप पर 350 से ज़्यादा सेवाएं उपलब्ध हैं। मार्च 2026 तक, बैंक के WhatsApp बैंकिंग यूज़र्स की संख्या 77% बढ़कर 1.09 करोड़ हो चुकी है। बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO अशोक चंद्रा ने भी माना है कि ऐप-आधारित सेवाओं पर निर्भरता लगातार बढ़ रही है। खास बात यह है कि PNB के 35% से ज़्यादा ग्राहक 30 साल से कम उम्र के हैं, जो डिजिटल सेवाओं को अपनाने में आगे हैं।
फिज़िटल स्ट्रैटेजी का मकसद
इसके बावजूद, PNB का मानना है कि ग्रोथ के लिए फिजिकल ब्रांचेज़ अभी भी ज़रूरी हैं। नई शाखाएं रिटेल, एग्रीकल्चर और MSME क्लाइंट्स तक पहुंच बढ़ाने में मदद करेंगी। बैंकों का मानना है कि फिजिकल ब्रांचेज़ ग्राहकों में भरोसा जगाने, मुश्किल वित्तीय फैसलों में सहायता देने और उन ग्राहकों तक पहुंचने का ज़रिया बनती हैं जहां डिजिटल पहुंच सीमित हो सकती है।
वैल्यूएशन और एसेट क्वालिटी
PNB का मौजूदा प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो 6.38 से 7.31 के बीच है, जो State Bank of India (P/E 10.67-13.3), ICICI Bank (15.47-17.9), और HDFC Bank (15.82-16.05) जैसे पीयर्स (peers) की तुलना में काफी कम है। इससे लगता है कि बाज़ार PNB को अंडरवैल्यूड मान रहा है। बैंक की एसेट क्वालिटी भी मजबूत है, ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) 2.95% और नेट एनपीए (Net NPA) सिर्फ 0.29% है। PNB का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन करीब ₹1.17 ट्रिलियन है।
बढ़त की लागत और दक्षता पर सवाल
हालांकि, 250 नई ब्रांचेज़ खोलने और साथ ही डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा निवेश करना लागत के लिहाज़ से एक बड़ी चुनौती है। इन अतिरिक्त खर्चों को डिजिटल ट्रांज़ैक्शन्स से होने वाली बचत के साथ संतुलित करना होगा। PNB का नेट प्रॉफिट Q4 FY26 में साल-दर-साल 14% बढ़कर ₹5,225 करोड़ हो गया था। लेकिन, Q1 FY26 की पिछली रिपोर्ट में नेट प्रॉफिट में 49% की बड़ी गिरावट देखी गई थी, जो आय में अस्थिरता का संकेत देता है।
एनालिस्ट्स की मिली-जुली राय
एनालिस्ट्स (Analysts) की PNB के भविष्य को लेकर राय बंटी हुई है। Jefferies और J.P. Morgan जैसे कुछ एनालिस्ट्स इसे "Buy" रेटिंग दे रहे हैं और टारगेट प्राइस ₹130-₹134 के आसपास रखा है। वहीं, Citi और Bank of America Securities जैसे अन्य एनालिस्ट्स "Sell" या "Underperform" की सलाह दे रहे हैं और कम टारगेट दे रहे हैं। MarketsMOJO ने हाल ही में PNB को "Sell" से "Hold" पर अपग्रेड किया है।