PFRDA का NPS में बड़ा फेरबदल! प्राइवेट कंपनियों पर नई AUM फीस, सरकारी कर्मचारियों को मिला सीधा एक्सेस!

BANKINGFINANCE
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
PFRDA का NPS में बड़ा फेरबदल! प्राइवेट कंपनियों पर नई AUM फीस, सरकारी कर्मचारियों को मिला सीधा एक्सेस!
Overview

पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में 1 जनवरी 2026 से बड़ा बदलाव करने जा रही है। अब NPS को सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं में बांटा जाएगा। प्राइवेट कंपनियों को अब मैनेजमेंट के तहत एसेट्स (AUM) पर **0.20%** की सालाना फीस देनी होगी, जबकि सरकारी संस्थाओं के कर्मचारियों को सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसी (CRA) तक सीधी पहुंच मिलेगी, जिससे बिचौलियों का खर्च बचेगा।

NPS का स्ट्रक्चर बदलेगा, नई फीस लागू

PFRDA ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के कॉर्पोरेट मॉडल में बड़ा फेरबदल किया है। 1 जनवरी 2026 से लागू होने वाले इस नए नियम के तहत, संस्थाओं को दो हिस्सों में बांटा जाएगा: सरकारी और गैर-सरकारी। इस बदलाव का मुख्य मकसद NPS के प्रबंधन और लागत संरचना को और स्पष्ट और कुशल बनाना है।

सरकारी कर्मचारियों को सीधा फायदा, प्राइवेट पर नई फीस

सरकारी संस्थाओं के लिए अच्छी खबर यह है कि अगर वे कुछ शर्तों को पूरा करती हैं, तो वे सीधे सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसी (CRA) से जुड़ सकती हैं। इसका मतलब है कि वे 'पॉइंट्स ऑफ प्रेजेंस' (PoPs) जैसे बिचौलियों को दरकिनार कर सकती हैं, जिससे कर्मचारियों के लिए लागत कम होगी और प्रक्रिया भी तेज होगी। इन संस्थाओं को एक साल के अंदर अपने मौजूदा रिटायरमेंट फंड को NPS में ट्रांसफर करना होगा।

वहीं, प्राइवेट कंपनियों और अन्य गैर-सरकारी संगठनों के लिए एक नई फीस संरचना लाई गई है। अब उन्हें अपने मैनेजमेंट के तहत कुल एसेट्स (AUM) पर सालाना 0.20% की फीस देनी होगी, जिसकी गणना हर तीन महीने में की जाएगी। पहले यह फीस अक्सर ट्रांजैक्शन (लेन-देन) पर आधारित होती थी। इस AUM-आधारित फीस का मतलब है कि जैसे-जैसे आपके पेंशन फंड का आकार बढ़ेगा, वैसे-वैसे फीस भी बढ़ेगी। उदाहरण के लिए, ₹10 लाख के AUM पर सालाना करीब ₹2,000 और ₹50 लाख के AUM पर लगभग ₹10,000 (टैक्स से पहले) की फीस लग सकती है।

लागत, सेवा और चिंताएं

PFRDA का यह कदम लागतों को पारदर्शी बनाने और वितरण को सरल बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। AUM-आधारित फीस से सेवा प्रदाताओं को सीधे ग्राहक के फंड की वृद्धि से जोड़ा जाएगा। हालांकि, कुछ चिंताएं भी हैं। प्राइवेट सेक्टर के सब्सक्राइबर्स के लिए, जिनके पास बड़े पेंशन फंड हैं, यह नई फीस पुरानी व्यवस्था की तुलना में थोड़ी ज्यादा हो सकती है। साथ ही, सरकारी कर्मचारियों की तुलना में प्राइवेट कर्मचारियों के लिए सेवा या लागत में अंतर महसूस होने की भी संभावना है।

कुल मिलाकर, PFRDA का लक्ष्य NPS ढांचे को और बेहतर बनाना है। सरकारी संस्थाओं के लिए सीधे CRA एक्सेस से प्रक्रियाएं सुव्यवस्थित होंगी और लागत घटेगी। प्राइवेट सेक्टर के लिए AUM-आधारित फीस से सेवाओं को फंड ग्रोथ से जोड़ा जाएगा, जिससे सिस्टम में जवाबदेही बढ़ेगी।

Disclaimer:This content is for informational purposes only and does not constitute financial or investment advice. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making decisions. Investments are subject to market risks, and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors are not liable for any losses. Accuracy and completeness are not guaranteed, and views expressed may not reflect the publication’s editorial stance.