PFRDA का यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और इसका मुख्य उद्देश्य NPS के डेट पोर्टफोलियो (Debt Portfolio) में डायवर्सिफिकेशन (Diversification) यानी विविधता लाना है। इसके तहत, नए निवेशों को मौजूदा 'AA' या उससे ऊपर की क्रेडिट रेटिंग (Credit Rating) के मानकों को पूरा करना होगा।
NDB के रुपये बॉन्ड अब उन मल्टीलेटरल डेवलपमेंट बैंक (Multilateral Development Bank) के बॉन्ड्स की सूची में शामिल हो गए हैं जिनमें NPS पहले से निवेश कर सकता है। इनमें International Bank for Reconstruction and Development (IBRD), International Finance Corporation (IFC), और Asian Development Bank (ADB) के बॉन्ड्स शामिल हैं।
PFRDA ने साफ किया है कि सभी मौजूदा जोखिम नियम (Risk Rules) पहले की तरह ही लागू रहेंगे। इनमें डेट इंस्ट्रूमेंट्स (Debt Instruments) के लिए न्यूनतम 'AA' या उससे अधिक की क्रेडिट रेटिंग, साथ ही मैच्योरिटी (Maturity) और एक्सपोजर लिमिट (Exposure Limit) जैसे नियम शामिल हैं।
NDB खुद मजबूत अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग्स रखता है। S&P ने इसे 'AA+/A-1+' और Fitch ने 'AA' रेटिंग दी है, जिसमें स्टेबल आउटलुक (Stable Outlook) शामिल है। ये रेटिंग्स NDB की मजबूत पूंजीकरण, लिक्विडिटी (Liquidity) और एक पसंदीदा क्रेडिटर (Preferred Creditor) के रूप में उसकी स्थिति को दर्शाती हैं।
NPS के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (Assets Under Management - AUM) में अप्रैल 2026 तक काफी वृद्धि देखी गई है, जो बढ़कर ₹15.95 लाख करोड़ हो गया है। PFRDA नियमित रूप से निवेश नियमों को अपडेट करता रहता है ताकि बाजार की स्थितियों के अनुकूल ढल सके और सब्सक्राइबर के लिए बेहतर विकल्प प्रदान किए जा सकें।
हालांकि, NDB बॉन्ड्स से NPS रिटर्न्स (Returns) पर वास्तविक प्रभाव NDB बॉन्ड यील्ड (Yield) और इश्यूएंस वॉल्यूम (Issuance Volume) पर निर्भर करेगा। भारत का बॉन्ड मार्केट (Bond Market) फिलहाल काफी गतिशील है। 14 मई 2026 को 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड 7.05% पर था, और अनुमानों के अनुसार इसमें थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है। महंगाई की चिंताएं और भू-राजनीतिक तनावों (Geopolitical Tensions) ने बाजार की भावना को प्रभावित किया है।
इस कदम से NPS को तुरंत मामूली लाभ होने की संभावना है। NDB बॉन्ड्स 'AA' रेटिंग की आवश्यकता और मौजूदा एक्सपोजर लिमिट के कारण एक विशिष्ट डेट मार्केट सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा करेंगे। NDB के रुपये बॉन्ड इश्यूएंस का पैमाना भी बड़े भारतीय सरकारी ऋण बाजार की तुलना में डायवर्सिफिकेशन लाभ को सीमित कर सकता है।
