Pension Fund Regulatory and Development Authority (PFRDA) ने 1 अक्टूबर 2026 से 'NPS Sanchay Pension Yatra' की शुरुआत की है। इसके साथ ही, पॉइंट्स ऑफ प्रेजेंस (PoPs) के जरिए डिजिटल अकाउंट खोलने पर अब **₹200** का फिक्स्ड ऑनबोर्डिंग चार्ज लागू कर दिया गया है।
डिजिटल फाइनेंशियल इंक्लूजन की नई शुरुआत
रिटायरमेंट सेविंग्स को बढ़ावा देने के लिए PFRDA ने 'NPS Sanchay Pension Yatra' की शुरुआत की है। इसका मकसद असंगठित क्षेत्र के कामगारों तक NPS और Atal Pension Yojana (APY) की पहुंच को आसान बनाना है। नियामक अब UPI-आधारित ऑनबोर्डिंग पर जोर दे रहा है, जिससे निवेशक NPS Tatkal पोर्टल के जरिए अपने बैंक KYC के साथ तुरंत अकाउंट एक्टिवेट कर सकें।
फीस स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव
आज से इंटरमीडियरी इकोसिस्टम में बड़ा बदलाव आया है। PFRDA ने अब Permanent Retirement Account Number (PRAN) के लिए ₹200 की एक समान (standardized) ऑनबोर्डिंग फीस तय कर दी है। यह बदलाव उन डिस्ट्रिब्यूटर्स के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है जो पुराने कमीशन मॉडल पर निर्भर थे, क्योंकि अब पूरे डिजिटल नेटवर्क में लागत एक समान हो गई है।
10 करोड़ सब्सक्राइबर्स का माइलस्टोन
सितंबर 2026 तक NPS और APY के कुल सब्सक्राइबर्स की संख्या 10 करोड़ को पार कर गई है और कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹18 लाख करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है। PFRDA अब अपनी रणनीति का विस्तार कर रहा है:
- NPS Swasthya: पेंशन फ्रेमवर्क में फैमिली हेल्थ इंश्योरेंस को जोड़ने की योजना।
- इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट: REITs और InvITs से इतर सीधे इंफ्रा प्रोजेक्ट्स में निवेश के लिए एक नई कमेटी का गठन।
भविष्य की चुनौतियां
हालांकि डिजिटल बदलाव सुविधा तो बढ़ा रहे हैं, लेकिन NPS Tatkal जैसे प्लेटफॉर्म्स के लिए टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती सबसे बड़ी परीक्षा है। तकनीकी खामियां या बैंक इंटीग्रेशन में देरी निवेशकों के लिए बाधा बन सकती है। इसके अलावा, छोटे डिस्ट्रिब्यूटर्स पर इस नए फीस स्ट्रक्चर का असर सेमी-अर्बन और ग्रामीण इलाकों में स्कीम की पहुंच को कैसे प्रभावित करेगा, यह आने वाले समय में देखने वाली बात होगी।
