Pension Fund Regulatory and Development Authority (PFRDA) ने NPS कैपिटल को अब प्राइवेट इक्विटी और डेट मार्केट में निवेश करने की मंजूरी दे दी है। इसे 'NPS Bharat Fund of Funds' के जरिए किया जाएगा, ताकि पोर्टफोलियो को पब्लिक मार्केट से अलग और अधिक डायवर्सिफाई किया जा सके।
निवेश का दायरा बढ़ा
पेंशन फंड रेगुलेटर PFRDA ने एक बड़ा पॉलिसी बदलाव किया है। अब रिटायरमेंट की सेविंग्स को केवल पब्लिक स्टॉक और बॉन्ड तक सीमित न रखकर 'NPS Bharat Fund of Funds' के जरिए प्राइवेट डेट और प्राइवेट इक्विटी मार्केट में निवेश किया जा सकेगा। रेगुलेटर का मकसद लंबे समय में रिटायरमेंट वेल्थ को बढ़ाने के लिए निवेश के नए विकल्प खोलना है।
पहली बार निवेश को मंजूरी
इस नए ढांचे के तहत, PFRDA ने पहले दो प्राइवेट डेट निवेशों को मंजूरी भी दे दी है। यह बदलाव एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत फिक्स्ड पेंशन मॉडल से हटकर अब मार्केट-लिंक्ड स्कीम्स पर जोर दिया जा रहा है, ताकि मार्केट की अस्थिरता के बीच कैपिटल ग्रोथ को बेहतर बनाया जा सके।
'NPS Tatkal' से आसान हुआ प्रोसेस
आने वाले दो सालों में 2 से 3 करोड़ नए सब्सक्राइबर्स जोड़ने के लक्ष्य के साथ, रेगुलेटर ने 'NPS Tatkal' सर्विस लॉन्च की है। अब UPI का इस्तेमाल करके मात्र 3 क्लिक में अकाउंट खोला और पैसा जमा किया जा सकता है। इसमें State Bank of India, HDFC Bank, ICICI Bank, Axis Bank और IDFC FIRST Bank जैसे प्रमुख बैंक शामिल हैं।
नई फीस और रिस्क फैक्टर्स
1 अक्टूबर, 2026 से लागू नई स्ट्रक्चर के तहत डिजिटल अकाउंट्स के लिए ₹100 और अन्य के लिए ₹200 की ऑनबोर्डिंग फीस तय की गई है। साथ ही, एसेट्स अंडर मैनेजमेंट पर 0.20% की सालाना फीस ली जाएगी।
निवेशकों को यह समझना होगा कि प्राइवेट इक्विटी और डेट में निवेश, स्टॉक मार्केट की तरह 'लिक्विड' नहीं होता। इसमें रिस्क ज्यादा है और यह फिक्स्ड रिटर्न की गारंटी नहीं देता। आपका रिटायरमेंट कॉर्पस पूरी तरह से इन मार्केट-लिंक्ड निवेशों के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।
