Power Finance Corporation (PFC) महाराष्ट्र में एक पावर इवैक्यूएशन प्रोजेक्ट (power evacuation project) के लिए स्थापित अपनी सब्सिडियरी NES Dharashiv Transmission Limited से बाहर निकल रही है।
डील की पूरी जानकारी
PFC ने अपनी यह पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी Montecarlo Limited को ₹361.11 लाख, यानी ₹3.61 करोड़ में बेचने पर सहमति जताई है। इस सब्सिडियरी की स्थापना महाराष्ट्र में पावर नेटवर्क को विस्तार देने की एक स्कीम के तहत की गई थी। इस डील के पूरा होने की उम्मीद 12 मार्च 2026 तक है।
PFC क्यों बेच रही है यह यूनिट?
यह सेल बताता है कि PFC अपने पोर्टफोलियो (portfolio) को स्ट्रीमलाइन (streamline) कर रही है, जिसमें छोटे, प्रोजेक्ट-विशिष्ट स्पेशल पर्पज व्हीकल्स (SPVs) से एग्जिट (exit) शामिल है। NES Dharashiv Transmission का वित्तीय योगदान लगभग नगण्य (negligible) होने के कारण, इस सेल से PFC के ओवरऑल परफॉरमेंस (performance) पर कोई खास असर पड़ने की संभावना नहीं है।
PFC और Montecarlo के बारे में
PFC, जिसकी स्थापना 1986 में हुई थी, भारत की सबसे बड़ी NBFC है जो पावर सेक्टर (power sector) को फाइनेंस (finance) करने के लिए समर्पित है। यह मिनिस्ट्री ऑफ पावर (Ministry of Power) के तहत काम करती है और 'महारत्न' स्टेटस रखती है। PFC जनरेशन, ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन और रिन्यूएबल एनर्जी (renewable energy) सेक्टर में प्रोजेक्ट्स को फाइनेंस करती है। वहीं, Montecarlo Limited अहमदाबाद की एक डायवर्सिफाइड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी (infrastructure development company) है, जो हाईवे, रेलवे और एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर (energy infrastructure) में सक्रिय है।
PFC शेयरहोल्डर्स के लिए इसका क्या मतलब है?
PFC शेयरहोल्डर्स (shareholders) देखेंगे कि कंपनी NES Dharashiv Transmission Limited के स्वामित्व से बाहर निकल गई है। नतीजतन, PFC उस विशिष्ट पावर इवैक्यूएशन प्रोजेक्ट में शामिल नहीं रहेगी जिसे SPV मैनेज करने के लिए स्थापित किया गया था। PFC का स्ट्रैटेजिक फोकस (strategic focus) अपने मुख्य बड़े पैमाने के पावर सेक्टर फाइनेंसिंग एक्टिविटीज (financing activities) पर बने रहने की उम्मीद है।
