मुनाफे में 10.8% की उछाल, पर रेवेन्यू में आई गिरावट
Power Finance Corporation (PFC) के शेयर बुधवार को बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। कंपनी ने चौथी तिमाही (Q4 FY26) में ₹6,999 करोड़ का शानदार नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹6,316.5 करोड़ से 10.8% अधिक है। इस प्रॉफिट ग्रोथ का मुख्य कारण कंपनी के EBITDA मार्जिन का 98.6% तक पहुंचना है, जो पिछले साल के 92.7% से काफी बेहतर है। हालांकि, कंपनी के रेवेन्यू में 1.2% की मामूली गिरावट आई और यह ₹28,919 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹29,265 करोड़ था। BSE पर कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹1,47,663.05 करोड़ दर्ज किया गया।
डिविडेंड ने बढ़ाई शेयर की चमक
नतीजों के बीच, PFC के बोर्ड ने FY26 के लिए ₹3.95 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड का प्रस्ताव दिया है, जो शेयरधारकों की मंजूरी के बाद दिया जाएगा। इसके अलावा, अंतरिम डिविडेंड ₹14.60 प्रति शेयर को मिलाकर, FY26 के लिए कुल डिविडेंड लगभग ₹18.55 प्रति शेयर तक पहुंचता है। इस आकर्षक डिविडेंड की घोषणा के बाद, PFC के शेयर इंट्राडे में 3.01% उछलकर ₹454 तक पहुंच गए। दोपहर तक यह 1.58% की बढ़त के साथ ₹447.65 पर कारोबार कर रहे थे।
पीयर कंपनियों से तुलना और आगे की राह
PFC का पी/ई रेश्यो 4.36 से 8.08 के बीच है, जो इसे फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में एक आकर्षक वैल्यूएशन देता है। वहीं, REC Limited का पी/ई रेश्यो करीब 5.56-5.81 है और यह लगभग 5.3-5.6% का डिविडेंड यील्ड प्रदान करता है। IREDA का पी/ई रेश्यो 19.7 के आसपास है और इसका डिविडेंड यील्ड केवल 0.44% है। ब्रोकरेज फर्म MarketsMOJO ने PFC को 'Hold' रेटिंग दी है, जबकि अधिकांश एनालिस्ट्स इसे 'Strong Buy' मान रहे हैं और ₹491.15 का 12-महीने का प्राइस टारगेट दे रहे हैं। लंबी अवधि में ग्रोथ और मार्जिन की स्थिरता को लेकर कुछ चिंताएं हैं, लेकिन पावर सेक्टर में PFC की फाइनेंसिंग भूमिका महत्वपूर्ण बनी हुई है।
