पीएफसी का ₹5,000 करोड़ NCDs के माध्यम से फंड जुटाने का लक्ष्य, बिजली क्षेत्र में निवेशक विश्वास में उछाल।

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
पीएफसी का ₹5,000 करोड़ NCDs के माध्यम से फंड जुटाने का लक्ष्य, बिजली क्षेत्र में निवेशक विश्वास में उछाल।
Overview

पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (PFC) ने ₹5,000 करोड़ तक जुटाने के लक्ष्य के साथ, नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) का अपना तीसरा पब्लिक इश्यू लॉन्च किया है। यह पेशकश, जिसमें 5, 10 और 15 साल की अवधि शामिल है, और एक शून्य-कूपन बॉन्ड विकल्प भी है, भारत के बढ़ते बिजली क्षेत्र में मजबूत निवेशक भरोसे को दर्शाता है। PFC के CMD ने पिछले सफल इश्यू और भारत के विकास को ऊर्जा देने में कंपनी की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।

PFC Launches Major NCD Offering

पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (PFC) ने गुरुवार को सुरक्षित, रिडीमेबल नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) का अपना तीसरा पब्लिक इश्यू शुरू किया है, जो एक बड़े पूंजी जुटाने के प्रयास का संकेत देता है। चेयरपर्सन और मैनेजिंग डायरेक्टर परमिंदर चोपड़ा ने कहा कि उनके पिछले बॉन्ड प्रस्तावों के लिए मजबूत निवेशक मांग भारतीय बिजली क्षेत्र में "स्पष्ट वोट ऑफ कॉन्फिडेंस" को दर्शाती है।

Capitalizing on Sector Strength

PFC इस पब्लिक NCD इश्यू से ₹5,000 करोड़ तक सुरक्षित करने की योजना बना रहा है, जो लगभग 30 महीनों में कंपनी का पहला ऐसा प्रस्ताव है। बेस साइज ₹500 करोड़ है, जिसमें ओवरसब्सक्रिप्शन बनाए रखने का विकल्प है। यह कदम तब आया है जब कंपनी भारत के मौलिक विकास स्तंभ में चल रहे परिवर्तन और विस्तार को बढ़ावा देना चाहती है।

Innovative Bond Structures

पब्लिक NCD इश्यू, जो 16 जनवरी को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 30 जनवरी को बंद होगा, एक महत्वपूर्ण शुरुआत है। यह कंपनी का तीसरा पब्लिक ऑफरिंग है और खास बात यह है कि यह इस कैलेंडर वर्ष में किसी पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (PSU) द्वारा पहला ज़ीरो-कूपन पब्लिक बॉन्ड इश्यू है। चोपड़ा के अनुसार, पिछले PFC NCD इश्यूज़ 5 गुना से अधिक ओवरसब्सक्राइब हुए थे।

Investor Flexibility and Returns

कई सीरीज़ उपलब्ध हैं, जो 5, 10, और 15 साल की अवधि प्रदान करती हैं। एक अनोखा ज़ीरो-कूपन बॉन्ड विकल्प है जो संभावित रूप से एक दशक में निवेश को दोगुना कर सकता है, जिसके रिटर्न को लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन के रूप में टैक्स किया जाएगा। अन्य विकल्प क्यूम्यलेटिव ब्याज प्रदान करते हैं, जिसमें निवेश 15 वर्षों में लगभग तीन गुना बढ़ सकता है, जो विभिन्न खुदरा और संस्थागत निवेशकों की जरूरतों को पूरा करता है।

Financial Underpinnings

चोपड़ा ने PFC की मजबूत वित्तीय स्थिति पर जोर दिया, यह बताते हुए कि कंपनी ने भारत की स्थापित बिजली क्षमता का लगभग 50% वित्तपोषित किया है। कंपनी का लोन एसेट बुक सितंबर 2025 तक ₹5.61 लाख करोड़ था, और चालू वित्तीय वर्ष की पहली छमाही में लगभग ₹8,900 करोड़ का लाभ दर्ज किया, जो लचीलापन और दीर्घकालिक दृष्टिकोण को दर्शाता है।

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