PB Fintech की सब्सिडियरी कंपनी PB Pay ने अपना पेमेंट एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म लॉन्च कर दिया है। RBI से मंजूरी मिलने के बाद, कंपनी अब इंश्योरेंस और लेंडिंग से इतर अपने रेवेन्यू को बढ़ाने की तैयारी में है।
बाजार में नई चुनौती
PB Fintech की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी PB Pay ने पेमेंट एग्रीगेटर के क्षेत्र में कदम रखा है। कंपनी को फरवरी 2026 में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से 'सर्टिफिकेट ऑफ ऑथराइजेशन' मिला था। अपनी परिचालन संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए कंपनी ने जुलाई 2026 में ही इस इकाई में ₹20 करोड़ का कैपिटल इन्फ्यूजन भी किया था।
डाइवर्सिफिकेशन का दांव
अब तक PB Fintech मुख्य रूप से अपने फ्लैगशिप ब्रांड्स PolicyBazaar और Paisabazaar के जरिए इंश्योरेंस और लेंडिंग सेक्टर में काम कर रही थी। PB Pay का नया प्लेटफॉर्म UPI, नेट बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड जैसे सभी पेमेंट ऑप्शंस को एक ही सिस्टम में जोड़ेगा।
कंपनी का लक्ष्य इंश्योरेंस ट्रांजैक्शंस के अपने पुराने अनुभव का इस्तेमाल करके मर्चेंट्स के लिए ट्रांजैक्शन सक्सेस रेट को सुधारना है। इसके लिए 'इंटेलिजेंट रूटिंग इंजन' तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे फेल होने वाले ट्रांजैक्शंस की संख्या में कमी आ सकती है।
फाइनेंशियल स्थिति और चुनौतियां
वित्तीय मोर्चे पर, कंपनी ने जून 2026 तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। PB Fintech का नेट प्रॉफिट ₹163 करोड़ रहा और ऑपरेटिंग रेवेन्यू ₹1,888 करोड़ दर्ज किया गया, जो सालाना आधार पर 40% की उछाल है। हालांकि, मौजूदा समय में शेयर का वैल्यूएशन 114 के पीई मल्टीपल पर ट्रेड कर रहा है, जो निवेशकों की काफी ऊंची उम्मीदों को दर्शाता है।
डिजिटल पेमेंट सेक्टर पहले से ही काफी कॉम्पिटिटिव है, ऐसे में PB Pay के लिए बाजार में हिस्सेदारी हासिल करना एक बड़ी चुनौती होगी। अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी अपने मौजूदा कस्टमर्स को इस नए सर्विस प्लेटफॉर्म से कैसे जोड़ती है और इसका प्रॉफिट मार्जिन पर क्या असर पड़ता है।
