PB Fintech ने FY26 में **3.75 लाख** इंश्योरेंस क्लेम प्रोसेस किए हैं। हालांकि, कंपनी की इस कामयाबी के बावजूद IRDAI के नए नियमों के डर से शेयर अपने IPO प्राइस **₹980** के नीचे लुढ़क गया है।
ऑपरेशन्स में दम, बाजार में गम
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में 3.75 लाख इंश्योरेंस क्लेम को हैंडल किया है, जिसमें से 2.45 लाख सिर्फ हेल्थ इंश्योरेंस के मामले थे। कंपनी का कहना है कि उन्होंने 11,156 ऐसे हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम्स में हस्तक्षेप किया, जो शुरुआत में रिजेक्ट हो गए थे। यह डेटा कंपनी की सर्विसिंग क्षमता को दर्शाता है, जिसका मकसद ग्राहकों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करना है।
क्यों टूटा शेयर?
ऑपरेशनल डेटा के बावजूद बाजार में पैनिक का माहौल है। अक्टूबर 2026 के शुरुआती दिनों में ही स्टॉक में 48% तक की भारी बिकवाली देखी गई है। इस गिरावट की मुख्य वजह IRDAI का वह कंसल्टेशन पेपर है, जिसमें डिस्ट्रीब्यूशन कमीशन पर कैप (सीमा) लगाने का प्रस्ताव दिया गया है। निवेशकों को डर है कि अगर यह नियम लागू हुआ, तो कंपनी के प्रति पॉलिसी रेवेन्यू और प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है।
ब्रोकरेज का रुख
इस रेगुलेटरी अनिश्चितता के कारण Nomura ने PB Fintech के टारगेट प्राइस में 31% की बड़ी कटौती कर इसे ₹1,100 कर दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि कमीशन स्ट्रक्चर बदलने से कंपनी के आने वाले सालों के मुनाफे पर बुरा असर पड़ सकता है। फिलहाल, निवेशकों की नजरें IRDAI के अंतिम फैसले पर टिकी हैं, क्योंकि इसी से कंपनी के बिजनेस मॉडल का भविष्य तय होगा।
