PB Fintech ने बताया है कि हेल्थ और टर्म इंश्योरेंस जैसे प्रोटेक्शन प्रोडक्ट्स अब उनकी ऑनलाइन कमाई का **70%** से ज्यादा हो गए हैं। जहां कंपनी इस क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही है, वहीं सेविंग्स-लिंक्ड प्लान्स में सुस्ती देखी जा रही है।
बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव
Policybazaar की पैरेंट कंपनी PB Fintech अपने बिजनेस मिक्स में बड़ा बदलाव कर रही है। कंपनी का कहना है कि हेल्थ और टर्म इंश्योरेंस जैसे प्रोटेक्शन-ओरिएंटेड प्रोडक्ट्स अब उनके कोर ऑनलाइन रेवेन्यू का 70% से ज्यादा हिस्सा बन चुके हैं। यह बदलाव बदलती कंज्यूमर डिमांड को देखते हुए एक रणनीतिक कदम है।
कहां आ रही है चुनौती?
प्रोटेक्शन कैटेगरी में जहां तेजी है, वहीं कंपनी को अन्य सेगमेंट में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले 2 सालों से यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान्स (ULIPs) की डिमांड में कमजोरी देखी गई है। कंपनी का मानना है कि मार्केट की सुस्ती के चलते नए बायर्स को इन इन्वेस्टमेंट-हैवी प्रोडक्ट्स की ओर आकर्षित करना मुश्किल हो रहा है।
रेगुलेटरी बदलावों पर नजर
कंपनी का मैनेजमेंट अब Insurance Regulatory and Development Authority of India (IRDAI) के दो प्रमुख प्रोजेक्ट्स - Public Insurance Registry (PIR) और Bima Sugam पर कड़ी नजर रखे हुए है। PIR के जरिए डेटा पोर्टेबिलिटी को आसान बनाया जाएगा, जिससे केवाईसी (KYC) और कस्टमर हिस्ट्री का डेटा इंडस्ट्री में शेयर हो सकेगा। अगर यह सफल रहा, तो कंपनियां बदलने वाले ग्राहकों के लिए प्रोसेस काफी आसान हो जाएगा।
निवेशकों के लिए जोखिम और मौके
वहीं Bima Sugam को लेकर चर्चा जारी है, जिसका लक्ष्य इंश्योरेंस के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को स्टैंडर्डाइज करना है। निवेशकों के लिए सबसे बड़ा रिस्क यह है कि सरकारी नियम आने वाले समय में कमीशन स्ट्रक्चर और डिस्ट्रीब्यूशन कॉस्ट को कैसे प्रभावित करते हैं। अगर फीस कैप या कमीशन पर कोई सख्ती होती है, तो कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव आ सकता है। फिलहाल, कंपनी का फोकस डिजिटल एफिशिएंसी के साथ-साथ हाई-क्वालिटी एडवाइजरी देने पर है, ताकि लॉन्ग-टर्म अर्निंग्स बनी रहें।
