Oriental Insurance Company ने वित्त वर्ष 2027 तक मुनाफे में आने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए कंपनी NSE के आने वाले IPO में करीब 49.57 लाख शेयर बेचकर ₹885 करोड़ तक जुटाने की तैयारी कर रही है।
IPO से कैश जुटाने की रणनीति
Oriental Insurance Company (OICL) अपनी वित्तीय चुनौतियों से निपटने के लिए National Stock Exchange (NSE) के अपकमिंग IPO का सहारा ले रही है। कंपनी इस IPO में 49.57 लाख शेयर बेचेगी, जो 17 सितंबर, 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। इस बिक्री से कंपनी को ₹843 करोड़ से ₹885 करोड़ तक की राशि मिलने की उम्मीद है, जिसका प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर तय किया गया है।
क्यों है इस फंड की जरूरत?
कंपनी के लिए यह पैसा सिर्फ लिक्विडिटी ही नहीं, बल्कि 'सॉल्वेंसी मार्जिन' (Solvency Margin) को मजबूत करने के लिए भी जरूरी है। सॉल्वेंसी मार्जिन वह पैमाना है जिससे बीमा कंपनियां यह सुनिश्चित करती हैं कि वे भविष्य के क्लेम चुकाने में सक्षम हैं।
वित्तीय चुनौतियां बरकरार
कंपनी ने मार्च 2026 तक ₹20,000 करोड़ से ज्यादा का ग्रॉस प्रीमियम दर्ज किया है, लेकिन इसके बावजूद मुनाफा अभी दूर की कौड़ी बना हुआ है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का 'कंबाइंड रेशियो' 123% पर था, जो यह बताता है कि कंपनी प्रीमियम से होने वाली कमाई से ज्यादा पैसा क्लेम और ऑपरेटिंग खर्चों में खर्च कर रही है। इसके अलावा, मार्च 2025 में कंपनी का सॉल्वेंसी रेशियो -1.03 दर्ज किया गया था, जो गहरी वित्तीय चिंता का विषय है।
निवेशकों को यह समझना होगा कि यह स्टेक सेल कंपनी के लिए एक फौरी राहत (temporary relief) की तरह है। लंबी अवधि की स्थिरता के लिए कंपनी को अपने अंडरराइटिंग परफॉर्मेंस और क्लेम लागत को नियंत्रित करना होगा। यह IPO 21 सितंबर, 2026 को बंद होगा और उसके बाद शेयर की लिस्टिंग पर सबकी नजरें टिकी होंगी।
