सरकारी बीमा कंपनी Oriental Insurance ने अपने IT सिस्टम को मॉडर्न बनाने के लिए अगले 3 सालों में **₹500 करोड़** के निवेश का ऐलान किया है। इस कदम का लक्ष्य क्लेम सेटलमेंट की रफ्तार बढ़ाना और डिजिटल सेल्स को रफ्तार देना है।
टेक्नोलॉजी पर फोकस
सरकारी बीमा कंपनी Oriental Insurance (OICL) अब पूरी तरह से 'डिजिटल मोड' में शिफ्ट हो रही है। कंपनी ने अपनी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने के लिए ₹500 करोड़ के भारी-भरकम बजट को मंजूरी दी है। कंपनी ने मार्च 2026 में समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर में ₹20,000 करोड़ से ज्यादा का ग्रॉस प्रीमियम दर्ज किया था, और इसी मजबूती के दम पर अब कंपनी अपने इंटरनल रिसोर्सेज से यह बड़ा निवेश करेगी।
क्या बदलेगा?
इस डिजिटल बदलाव के तहत कंपनी का सबसे ज्यादा जोर 'सेंट्रलाइज्ड डेटा लेक' बनाने पर है, ताकि डेटा एनालिटिक्स और फैसलों को बेहतर बनाया जा सके। इसके अलावा, कंपनी अपनी 'Oriental DigiBiz' प्लेटफॉर्म को और विस्तार दे रही है। इसका मकसद सीधा है—बिचौलियों की निर्भरता कम करना और ग्राहकों को सीधे डिजिटल तरीके से पॉलिसी खरीदने के लिए आकर्षित करना, जिसके लिए अलग से प्राइसिंग इंसेंटिव भी दिए जाएंगे।
इंडस्ट्री के लिए संकेत
यह कदम पब्लिक सेक्टर की कंपनियों द्वारा प्राइवेट सेक्टर के दिग्गजों जैसे ICICI Lombard को टक्कर देने की एक बड़ी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। अब तक प्राइवेट प्लेयर डिजिटल अडॉप्शन में आगे रहे हैं, लेकिन अब सरकारी कंपनियां भी क्लेम रिजोल्यूशन और ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने के लिए तकनीक का सहारा ले रही हैं।
निवेशकों के लिए जोखिम और मौके
निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी होगी कि क्या कंपनी अपनी पुरानी मैन्युअल प्रोसेस को सफलतापूर्वक खत्म कर पाती है। अक्सर सरकारी संस्थाओं में बड़े IT प्रोजेक्ट्स को पुराने सिस्टम के साथ इंटीग्रेट करने में मुश्किलें आती हैं और देरी होने का डर बना रहता है। हालांकि, अगर यह प्रोजेक्ट सही तरीके से लागू हुआ, तो लंबी अवधि में एडमिनिस्ट्रेटिव कॉस्ट में कमी आएगी, जो कंपनी के बॉटमलाइन के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। अब देखना यह है कि क्या यह नई रणनीति New India Assurance और अन्य बड़ी प्राइवेट कंपनियों के मुकाबले कंपनी की सर्विस स्पीड को कितना बेहतर बना पाती है।
