पेटीएम (Paytm) की पेरेंट कंपनी One97 Communications के शेयरों ने आज 52-हफ्ते का नया उच्चतम स्तर छुआ है। ब्रोकरेज की शानदार रिपोर्ट के बाद निवेशक आकाश भंसाली की हिस्सेदारी का मूल्य बढ़कर करीब ₹1,225 करोड़ हो गया है। यह कंपनी के लिए एक बड़ी राहत है क्योंकि कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में मुनाफे (Profit) की राह पकड़ी है।
क्यों आई शेयरों में इतनी तेज़ी?
One97 Communications के शेयर आज ₹1,568.75 के स्तर पर पहुंच गए, जो कि पिछले 52 हफ्तों का सबसे ऊंचा स्तर है। इस ज़बरदस्त उछाल से राकेश झुनझुनवाला के पोर्टफोलियो मैनेजर कहे जाने वाले जाने-माने निवेशक आकाश भंसाली (Enam Holdings से जुड़े) की हिस्सेदारी का मूल्य लगभग ₹1,225 करोड़ तक पहुंच गया है। भंसाली के पास कंपनी के 1.24% शेयर हैं, जिनकी कुल संख्या 7,921,162 है।
ब्रोकरेज की नई रिपोर्ट और टारगेट प्राइस
इस शेयर में तेजी की एक बड़ी वजह ब्रोकरेज फर्म Bernstein की नई रिपोर्ट है। फर्म ने One97 Communications के लिए अपना टारगेट प्राइस बढ़ाकर ₹2,200 कर दिया है। यह इसलिए भी खास है क्योंकि यह पहला मौका है जब किसी एनालिस्ट ने कंपनी के IPO प्राइस ₹2,150 से ऊपर का टारगेट दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि UPI ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होने से कंपनी के नेट पेमेंट मार्जिन में सुधार हुआ है, जो कि एक पॉजिटिव संकेत है।
मुश्किल वक्त में निवेश और बड़ा मुनाफा
आकाश भंसाली ने इस शेयर में निवेश एक मुश्किल दौर में किया था। उन्होंने 2024 की शुरुआत में, जब कंपनी RBI की पाबंदियों और रेगुलेटरी जांच के चलते मुश्किलों का सामना कर रही थी, तब कम दामों पर शेयर खरीदे थे। तब यह स्टॉक अपने रिकॉर्ड निचले स्तरों के आसपास कारोबार कर रहा था। भंसाली का शुरुआती निवेश करीब ₹360 करोड़ था, जो अब तीन गुना से ज़्यादा बढ़कर ₹865 करोड़ के मुनाफे में बदल चुका है।
कंपनी के मुनाफे में वापसी
शेयरों की इस तेजी के पीछे कंपनी का बेहतर फाइनेंशियल परफॉरमेंस भी है। बिजनेस रीस्ट्रक्चरिंग के दौर से गुजरने के बाद, One97 Communications ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में ₹552 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह पिछले सालों के घाटे से एक बड़ा बदलाव है और इसने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।
आगे क्या हैं जोखिम?
हालांकि शेयर में अच्छी रिकवरी देखने को मिली है, लेकिन निवेशकों के लिए कुछ जोखिम अभी भी बने हुए हैं। कंपनी का रेगुलेटरी मसलों का इतिहास, खासकर उसके पेमेंट्स बैंक यूनिट को लेकर, एक चिंता का विषय है। इसके अलावा, भारत का फिनटेक सेक्टर काफी कॉम्पिटिटिव है, जिससे भविष्य में प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव आ सकता है। कंपनी को अपने नए रेवेन्यू मॉडल, जैसे UPI पर फीस, को मार्केट शेयर खोए बिना लागू करना होगा। आने वाले तिमाही नतीजों पर यह देखना अहम होगा कि क्या यह मुनाफे की रफ्तार बनी रहती है।
