Odisha Students के लिए खुशखबरी! अब 97 कॉलेजों में मिलेगी फ्री Mutual Fund ट्रेनिंग

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AuthorMehul Desai|Published at:
Odisha Students के लिए खुशखबरी! अब 97 कॉलेजों में मिलेगी फ्री Mutual Fund ट्रेनिंग

ओडिशा सरकार ने राज्य के 97 कॉलेजों में कॉमर्स और मैनेजमेंट के छात्रों के लिए एक मुफ्त 30 घंटे का म्यूचुअल फंड सर्टिफिकेशन कोर्स शुरू किया है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के साथ मिलकर इस पहल का मकसद छात्रों की Employability बढ़ाना और उन्हें प्रोफेशनल NISM सर्टिफिकेशन के लिए तैयार करना है।

ओडिशा हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट (Odisha Higher Education Department) छात्रों के लिए एक फ्री म्यूचुअल फंड सर्टिफिकेशन प्रोग्राम लेकर आया है। इसका मकसद अकादमिक ज्ञान और इंडस्ट्री की जरूरतों के बीच की खाई को पाटना है। यह 30 घंटे का कोर्स, बी.कॉम (B.Com), बीबीए (BBA), बीएमएस (BMS), एम.बी.ए (MBA) और एम.कॉम (M.Com) जैसे स्ट्रीम्स में पढ़ रहे छात्रों के लिए है। राज्य सरकार का लक्ष्य 97 कॉलेजों में छात्रों को ट्रेनिंग देकर भारतीय वित्तीय सेवा सेक्टर के लिए स्किल्ड प्रोफेशनल्स तैयार करना है।

कहाँ-कहाँ मिलेगा फायदा?

इस प्रोग्राम को राज्य के प्रमुख शहरी केंद्रों के पास स्थित संस्थानों में लागू किया जा रहा है। इसमें भुवनेश्वर, राउरकेला, संबलपुर, बेरहमपुर और कई अन्य जिले शामिल हैं। हर कॉलेज लगभग 60 छात्रों का चयन करेगा, जिन्हें यूनिवर्सिटी करिकुलम के साथ-साथ प्रैक्टिकल नॉलेज भी फ्री में दी जाएगी।

इंडस्ट्री के साथ साझेदारी

इस पहल को ओडिशा हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के बीच मई 2026 में हुए एक एमओयू (MoU) का समर्थन प्राप्त है। इस साझेदारी का फोकस युवाओं में फाइनेंशियल अवेयरनेस और प्रोफेशनल स्किल को बढ़ाना है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सिक्योरिटीज मार्केट्स (NISM) सीरीज V-A म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स सर्टिफिकेशन की ज़रूरतों के हिसाब से करिकुलम को डिजाइन किया गया है, ताकि छात्रों को इंडस्ट्री का एक स्टैंडर्ड क्वालिफिकेशन मिल सके।

करियर में कैसे करेगा मदद?

इस सर्टिफिकेशन को पूरा करने वाले छात्रों के लिए यह वित्तीय सेवाओं में करियर बनाने का पहला कदम हो सकता है। NISM परीक्षा पास करने के बाद, वे म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स, फाइनेंशियल एडवाइजर्स या स्टॉक ब्रोकिंग और इंश्योरेंस फर्मों में अलग-अलग भूमिकाओं के लिए योग्य होंगे।

यह कदम टियर-2 और टियर-3 शहरों में फाइनेंशियल वर्कफोर्स को मजबूत करने की कोशिश है। जैसे-जैसे भारत का म्यूचुअल फंड उद्योग बढ़ रहा है, योग्य और रेगुलेटेड डिस्ट्रीब्यूटर्स की मांग भी बढ़ी है। कॉलेज स्तर पर छात्रों को ट्रेनिंग देकर, यह पहल ऐसे प्रोफेशनल्स की लॉन्ग-टर्म ज़रूरत को पूरा करती है जो रिटेल क्लाइंट्स के साथ काम कर सकें और फॉर्मल इन्वेस्टमेंट कल्चर को बढ़ावा दे सकें। भविष्य में, इस प्रोग्राम की सफलता को ट्रैक करने के लिए छात्र नामांकन दर और NISM सर्टिफिकेशन परीक्षा में उनके प्रदर्शन पर नज़र रखी जाएगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.