Nuvama Wealth Share Price: ₹18,000 करोड़ की डील! PAG बेच सकती है अपनी हिस्सेदारी, स्टॉक में आई तेजी

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Nuvama Wealth Share Price: ₹18,000 करोड़ की डील! PAG बेच सकती है अपनी हिस्सेदारी, स्टॉक में आई तेजी

Nuvama Wealth Management के शेयरों में आज **2.5%** की तेजी देखी गई। खबरों के मुताबिक, कंपनी की प्रमोटर PAG अपनी **53.98%** हिस्सेदारी **EQT** या **CVC Capital Partners** को बेच सकती है। इस डील का वैल्यू **₹18,000 करोड़** से ज़्यादा आंका जा रहा है।

Detailed Coverage

Nuvama Wealth में क्यों आई तेजी?

Nuvama Wealth Management के शेयर आज 1,900.70 रुपये पर ट्रेड करते हुए 2.5% चढ़ गए। इस उछाल की वजह यह खबर है कि कंपनी की प्रमोटर, एशिया-केंद्रित प्राइवेट इक्विटी फर्म PAG, अपनी पूरी कंट्रोलिंग हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है। PAG के पास फिलहाल 53.98% शेयर हैं, जो एशिया प्रागति स्ट्रेटेजिक इन्वेस्टमेंट फंड और पैग एकस्टैसी Pte Ltd जैसे इन्वेस्टमेंट व्हीकल्स के जरिए हैं।

डील का साइज़ और ओपन ऑफर का नियम

इस संभावित डील का साइज़ ही मार्केट का ध्यान खींच रहा है। Nuvama की मौजूदा मार्केट कैपिटलाइज़ेशन करीब ₹34,000 करोड़ है, जिसके हिसाब से PAG की हिस्सेदारी ₹18,000 करोड़ से ज़्यादा की है।

अगर यह डील फाइनल होती है, तो SEBI के नियमों के तहत खरीदार को पब्लिक शेयरहोल्डर्स से कम से कम 26% अतिरिक्त हिस्सेदारी के लिए ओपन ऑफर (Open Offer) लाना पड़ेगा। इसका मतलब है कि EQT या CVC Capital Partners जैसे किसी भी नए खरीदार को इस डील के लिए ज़्यादा कैपिटल (Capital) लगाना होगा।

वैल्यूएशन पर अटकलें

हालांकि, EQT और CVC के साथ बातचीत शुरुआती दौर में है, लेकिन वैल्यूएशन (Valuation) अभी भी एक बड़ी अड़चन बनी हुई है। पहले भी ऐसी खबरें आई थीं कि जनरल अटलांटिक (General Atlantic) ने PAG के साथ इसी हिस्सेदारी को लेकर बात की थी, लेकिन वैल्यूएशन में अंतर के कारण वह डील अटक गई थी।

वेल्थ मैनेजमेंट सेक्टर में महत्व

Nuvama Wealth Management भारत के तेज़ी से बढ़ते वेल्थ मैनेजमेंट सेक्टर का एक अहम हिस्सा है। Edelweiss Financial Services से डीमर्ज (Demerged) होने के बाद से कंपनी अपने क्लाइंट बेस और एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (Assets Under Management) को लगातार बढ़ा रही है।

इन्वेस्टर्स (Investors) ऐसी बड़ी डील पर बारीकी से नज़र रखते हैं क्योंकि कंट्रोल में बदलाव कंपनी की लॉन्ग-टर्म स्ट्रेटेजी (Long-term Strategy) और भविष्य की योजनाओं को प्रभावित कर सकता है। जैसे-जैसे भारत का वेल्थ मैनेजमेंट उद्योग परिपक्व हो रहा है, ग्लोबल प्राइवेट इक्विटी फर्मों के लिए भारतीय हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल (High-Net-Worth Individual) सेगमेंट में एक्सपोजर (Exposure) पाने के लिए ऐसी कंपनियां आकर्षक लक्ष्य बन रही हैं।

फिलहाल, इन्वेस्टर्स की नज़र इस बात पर है कि क्या PAG और संभावित खरीदारों के बीच वैल्यूएशन का अंतर कम हो पाता है और क्या यह डील फाइनल हो पाती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.