Nuvama Wealth MF License: **म्यूचुअल फंड लाइसेंस** की मंज़ूरी पक्की, **20%** ग्रोथ का बड़ा दांव!

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AuthorAditya Rao|Published at:
Nuvama Wealth MF License: **म्यूचुअल फंड लाइसेंस** की मंज़ूरी पक्की, **20%** ग्रोथ का बड़ा दांव!
Overview

Nuvama Wealth Management के लिए एक बड़ी खबर आई है! कंपनी को **म्यूचुअल फंड (MF) लाइसेंस** के लिए 'इन-प्रिंसिपल' मंज़ूरी मिल गई है, जो उनके वेल्थ बिज़नेस में **18%** की साल-दर-साल (YoY) बढ़त के साथ **20%** से ज़्यादा की ग्रोथ के लक्ष्य को पंख लगाएगा। हालांकि, Q3 FY'26 में रेवेन्यू में **4%** की मामूली तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) गिरावट दर्ज की गई।

MF लाइसेंस की मंज़ूरी: Nuvama Wealth का बड़ा कदम

Nuvama Wealth Management अपने पोर्टफोलियो का विस्तार करने के लिए पूरी तरह तैयार है। कंपनी को म्यूचुअल फंड (MF) लाइसेंस प्राप्त करने की दिशा में 'इन-प्रिंसिपल' अप्रूवल (in-principle approval) मिल गया है। यह अप्रूवल अगले 2-3 महीनों में फाइनल होने की उम्मीद है, जो Nuvama Wealth को एक नया बिज़नेस एवेन्यू देगा और उनके वेल्थ और प्राइवेट बिज़नेस को और मज़बूत करेगा।

वेल्थ बिज़नेस में तूफानी बढ़त

कंपनी का कोर वेल्थ मैनेजमेंट बिज़नेस इस तिमाही में 18% की शानदार साल-दर-साल (YoY) ग्रोथ के साथ चमका है। अब यह कंपनी के कुल रेवेन्यू का 57% हिस्सा बन गया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 50% था। एसेट सर्विसेज (Asset Services) सेगमेंट में भी 15% की YoY ग्रोथ और 7% की QoQ ग्रोथ दर्ज की गई है। इसके साथ ही, क्लाइंट एसेट्स (client assets) का कुल मूल्य बढ़कर ₹4.6 लाख करोड़ तक पहुंच गया है।

आंकड़ों का विश्लेषण: Q3 FY'26

Q3 FY'26 में कंपनी का कुल रेवेन्यू पिछली तिमाही (QoQ) के मुकाबले 4% घटकर ₹755 करोड़ रहा। हालांकि, चालू फाइनेंशियल ईयर के पहले नौ महीनों (nine months) में रेवेन्यू 8% बढ़कर ₹2,300 करोड़ हो गया। टैक्स के बाद मुनाफा (PAT), एक बार के ₹11 करोड़ के लेबर कोड इम्पैक्ट को छोड़कर, पिछली तिमाही के मुकाबले 3% बढ़कर ₹262 करोड़ दर्ज किया गया।

भविष्य का रोडमैप: 20% ग्रोथ का लक्ष्य

Nuvama Wealth FY'27 से 20% से ज़्यादा की रेवेन्यू और PAT ग्रोथ का लक्ष्य लेकर चल रही है। कंपनी ने FY'26 के लिए ₹19,000-20,000 करोड़ और FY'27 के लिए ₹25,000-26,000 करोड़ के नेट फ्लो (net flows) का अनुमान जताया है। मैनेजमेंट ने स्वीकार किया कि कोर कैपिटल मार्केट्स (Core Capital Markets) सेगमेंट में कुछ नरमी देखी गई है, जो ECM बिलिंग शिफ्ट और रेगुलेटरी इम्पैक्ट्स के कारण है।

अन्य मुख्य बातें

  • वेल्थ सेगमेंट के अंदर लेंडिंग बुक (lending book) 38-39% से ज़्यादा बढ़कर ₹4,300 करोड़ हो गई है।
  • कंपनी का कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो (Cost-to-Income Ratio) 53% पर बना हुआ है।
  • पिछले तीन सालों में कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी (profitability) में लगभग 45% CAGR की लगातार ग्रोथ देखी गई है।
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