नतीजों में दिखी दो अलग तस्वीर!
Nuvama Wealth Management ने 31 मार्च 2026 को समाप्त तिमाही के लिए मजबूत नतीजे पेश किए हैं, जिसमें नेट प्रॉफिट 5.3% बढ़कर ₹269 करोड़ हो गया है। कंपनी का कुल रेवेन्यू भी 13.9% बढ़कर ₹1,256 करोड़ रहा। लेकिन, इन चमकते नंबरों के पीछे, कैपिटल मार्केट्स सेगमेंट में आई 19% की साल-दर-साल (YoY) रेवेन्यू गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
क्यों गिरा शेयर?
मुनाफे में कुल मिलाकर वृद्धि के बावजूद, कंपनी के एसेट सर्विसेज और कैपिटल मार्केट्स सेगमेंट के प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में 5% की गिरावट दर्ज की गई। यह इस बात का संकेत है कि भले ही कुल आय बढ़ी हो, लेकिन कुछ प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में लाभप्रदता पर दबाव है। इसी चिंता के चलते 11 मई 2026 को Nuvama के शेयर 2.18% गिरकर बंद हुए। यह दर्शाता है कि निवेशक सिर्फ ऊपरी आंकड़ों की बजाय, कंपनी के हर सेगमेंट की सेहत पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।
आगे क्या है%
यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब भारत का वित्तीय सेवा क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है और हाई नेट वर्थ इंडिविजुअल्स (HNI) की संख्या 2030 तक तीन गुना होने की उम्मीद है। वेल्थ मैनेजमेंट सेक्टर में भी अगले पांच सालों में एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) के $850 बिलियन से ऊपर जाने का अनुमान है। हालांकि, Nuvama को अपने प्रतिस्पर्धियों जैसे UTI AMC (PE 26.86x) और HDFC AMC (PE 41.21x) के मुकाबले अपनी वैल्यूएशन (PE 28-29x) को लेकर चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
विश्लेषकों ने ₹1,700-₹1,740 के टारगेट प्राइस के साथ 'स्ट्रॉन्ग बाय' रेटिंग बरकरार रखी है, लेकिन कंपनी की 9.9% की अनुमानित सालाना रेवेन्यू ग्रोथ इंडस्ट्री की अनुमानित 13% ग्रोथ से पीछे है। प्रमोटर होल्डिंग्स का 62.8% गिरवी होना भी एक जोखिम कारक बना हुआ है।
कंपनी के पास एक इंटरिम डिविडेंड ₹14 प्रति शेयर का ऐलान भी है। भविष्य में, निवेशकों की निगाहें Nuvama की कैपिटल मार्केट्स सेगमेंट में ग्रोथ को फिर से पटरी पर लाने और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच लाभप्रदता बनाए रखने की क्षमता पर रहेंगी। SEBI से म्यूचुअल फंड स्पॉन्सर करने की मंजूरी मिलना कंपनी के लिए विस्तार के नए अवसर खोल सकता है।
