Nucleus Software, 19 अगस्त, 2026 को मुंबई में चौथे CNBC-TV18 बैंकिंग ट्रांसफॉर्मेशन समिट की मेजबानी करने जा रहा है। इस कार्यक्रम में इंडस्ट्री लीडर्स और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के प्रतिनिधि वित्तीय सेवाओं में 'Responsible AI' के एकीकरण पर चर्चा करेंगे, साथ ही भारत में डिजिटल लेंडिंग को बढ़ाने और वित्तीय समावेशन (financial inclusion) पर भी जोर दिया जाएगा।
'Responsible AI' के साथ भारत में बैंकिंग का भविष्य
मुंबई में 19 अगस्त, 2026 को होने वाला यह चौथा CNBC-TV18 बैंकिंग ट्रांसफॉर्मेशन समिट, बैंकिंग सेक्टर, नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC), फिनटेक स्टार्टअप्स और सरकारी प्रतिनिधियों के दिग्गजों को एक साथ लाएगा। 'स्केलिंग भारत बैंकिंग विद रिस्पॉन्सिबल AI' (Scaling Bharat Banking with Responsible AI) थीम वाला यह समिट, वित्तीय प्रणालियों में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी को शामिल करने की मौजूदा दौड़ को दर्शाता है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
यह समिट भारत में डिजिटल-फर्स्ट वित्तीय सेवाओं की ओर बढ़ते रणनीतिक बदलाव को रेखांकित करता है। Nucleus Software के को-फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर, विष्णु आर. दुसाद के अनुसार, इंडस्ट्री इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रही है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कैसे बुनियादी ऑटोमेशन से आगे बढ़कर दूरदराज के इलाकों तक पहुंच सकता है और वित्तीय समावेशन में सुधार कर सकता है। भारत के मौजूदा डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का लाभ उठाकर, बैंक हाइपर-पर्सनलाइज्ड सेवाएं देने की कोशिश कर रहे हैं, जो डिजिटल बैंकिंग बाजार पर कब्जा करने की चाह रखने वाले टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर्स के लिए एक प्रमुख फोकस बना हुआ है।
रेगुलेटरी उम्मीदें और चुनौतियां
टेक्नोलॉजी क्षमता के अलावा, चर्चा का एक बड़ा हिस्सा 'जिम्मेदार परिनियोजन' (responsible deployment) पर केंद्रित होगा। जैसे-जैसे बैंक लेंडिंग निर्णयों और जोखिम प्रबंधन के लिए AI का तेजी से उपयोग कर रहे हैं, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इन सिस्टमों को सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने के लिए सुरक्षा उपायों (guardrails) की आवश्यकता पर जोर दिया है। RBI के डिप्टी गवर्नर, शिरिष चंद्र मुर्मू, 'विजन फॉर रिस्पॉन्सिबल AI, रेसिलिएंट बैंकिंग' (Vision for Responsible AI, Resilient Banking) पर मुख्य भाषण देंगे, जो टेक्नोलॉजी के साथ सख्त अनुपालन और परिचालन स्थिरता की नियामक अपेक्षाओं को दर्शाता है।
भविष्य की राह
निवेशक आमतौर पर इन उद्योग मंचों पर Nucleus Software जैसी टेक्नोलॉजी कंपनियों पर नजर रखते हैं कि वे बैंकों की बदलती जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने उत्पादों को कैसे पेश करती हैं। AI-आधारित संचालन की ओर बढ़ना चुनौतियों से भरा है। इन सिस्टमों को इंटीग्रेट करने के लिए डेटा प्राइवेसी, मॉडल की सटीकता और नियामक अनुपालन को सावधानीपूर्वक संभालने की आवश्यकता है। समिट में भाग लेने वालों के अनुसार, उद्योग के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि AI का बड़े पैमाने पर कार्यान्वयन नए परिचालन जोखिम पैदा न करे, जबकि बैंक अपनी लेंडिंग और ग्राहक जुड़ाव प्रक्रियाओं को तेज करने का प्रयास कर रहे हैं।
यह समिट लेंडिंग के आधुनिकीकरण और जिम्मेदार विकास में फिनटेक की भूमिका पर केंद्रित विशेष पैनल चर्चाओं की मेजबानी करेगा। इन चर्चाओं के परिणामों पर नज़र रखना, भारतीय वित्तीय संस्थानों की निकट-अवधि की प्राथमिकताओं को समझने के लिए महत्वपूर्ण होगा, खासकर यह देखते हुए कि वे डिजिटल परिवर्तन की गति को वित्तीय क्षेत्र के लिए आवश्यक कड़े नियामक आवश्यकताओं के साथ कैसे संतुलित करते हैं।
